मुजफ्फरनगर। योगी सरकार की पहल पर राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में अब एक्टिव केस फाइडिंग गतिविधि का आयोजन आज यानि सोमवार 9 सितम्बर से 20 सितबंर तक चलाया जा रहा है। इसके तहत इन दस दिनों में सभी ब्लॉक एवं चिन्हित नगरीय क्षेत्र में किया जा रहा है। जिले में इस अभियान के बीच करीब 7 लाख जनसंख्या आच्छादित की जाएगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चन्द्र गुप्ता ने इस संबंध में अवगत कराया कि चरण के अन्तर्गत पूरे जनपद में कुल 242 टीमे बनाई गई हैं, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर सवालों के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी। ऐसे में दो हफ्ते या ज्यादा दिन से लगातार खांसी होना। दो हफ्ते या ज्यादा से लगातार बुखार होना। तेजी से वजन का कम होना। बीते 6 माह में कभी भी बलगम में खून आना। पिछले एक माह में छाती में दर्द। पहले कभी टीबी की दवा ली है या ले रहे हैं। परिवार में किसी बच्चे को शरीर पर कोई गांठ नहीं है। परिवार में कोई ऐसी शादीशुदा महिला तो नहीं जिसको काफी समय से गर्भाधान नहीं कर पा रही है। उन्होंने बताया कि टीमों द्वारा घर-घर जाकर उपरोक्त सवालों के आधार पर चिन्हित का बलगम लेकर उसे निकटतम टीबी लैब में जांच की जायेगी। टीबी का रोगी पाये जाने पर उसे सरकारी निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अतिरिक्त किसी के शरीर पर गांठ होने की जानकारी मिलने पर उन्हें पास के सरकारी चिकित्सालय में भेजा जायेगा। सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार ने अवगत कराया कि जिले में चलाये जा रहे 9 सितम्बर से 20 सितम्बर तक के अभियान हेतु माइक्रोप्लॉन तैयारी कर ली है। यह अभियान घर-घर पोलियो कार्यक्रम की तर्ज पर चलाया जायेगा, जिसमें पोलियो में काम कर रही टीमों को ही माइक्रोप्लॉन में लिया है। उन्होंने बताया कि अभियान में आशा, आंगनवाडी व एएनएम अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी।

मुजफ्फरनगर में पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों पर छापेमारी, 12 नमूने लिए, मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को भारत सरकार और राज्य कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में स्थापित पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच उत्पादन इकाइयों की जांच करते हुए कीटनाशकों के कुल 12 नमूने लिए, जिन्हें जांच के






