मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। शनिवार को रुड़की रोड स्थित वैकटहाल में राजपूत समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं का अलंकरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ आरके सिंह deen मां शाकंभरी विश्वद्यालय सहारनपुर, डॉ सुधीर पुंडीर प्राचार्य सनातन धर्म कॉलेज मुजफ्फरनगर, डॉ विकास कुमार प्राचार्य विवेकानंद डिग्री कॉलेज रुड़की ,डॉ अरविंद कुमार पूर्व प्रधानाचार्य एवं समाज के गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत गाकर, भारत माता एवं महाराणा प्रताप के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा की अनुशासन मेहनत एवं उचित लक्ष्य रखने के उपरांत ही सफलता अर्जित की जा सकती है। कड़ी मेहनत अनुशासन एवं उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है आज कलम की ताकत तलवार की ताकत से बड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का भला तभी हो सकता है जब उसमें शिक्षा की अधिकता हो। कार्यक्रम में लगभग 300 छात्र छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें मेडल एवं महापुरुषों के चित्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर राजेंद्र सिंह पुंडीर बामनहेडी, कार्यक्रम का संचालन श्री भूपेंद्र सिंह एडवोकेट ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ठाकुर मुकुट राज सिंह ,ठाकुर दिलबाग सिंह, मनोज पुंडीर gm, रामफल सिंह एडवोकेट ,ठाकुर दिनेश पुंडीर, मनोज पुंडीर उद्योगपति, कुलदीप एडवोकेट, ठाकुर सतपाल सिंह एडवोकेट, ठाकुर नीरज सिंह, ठाकुर अनिल सिंह, ठाकुर अशोक सिंह ,ठाकुर अजय पुंडीर, प्रवीण पुंडीर ,ठाकुर संदल सिंह, सुभाष प्रधान, डॉ विनोद ,कुलदीप प्रधान ,नीरज चौहान ,ठाकुर दीपक सिंह पुंडीर ,ठाकुर सुरेश राघव, अंकित पुंडीर, ठाकुर शिवकुमार प्रधान एवं सैकड़ो समाज के लोगों का सहयोग रहा। जनपद में सर्वाधिक कक्षा 12 में अंक प्राप्त करने वाले आर्यन पुंडीर एवं रीना पुंडीर आईआईटी दिल्ली से पीएचडी के लिए सम्मानित किया गया।

हरिद्वार में संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर संवाद में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की सहभागिता
हरिद्वार (रिपोर्टर)। हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संत समागम को सम्बोधित करते हुए “एक राष्ट्र-एक चुनाव” की ताकत और आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बार-बार होने वाले चुनावों को देश की प्रगति के लिए बाधक बताते हुए संत समाज से इस संवैधानिक परिवर्तन के लिए जनजागरण का






