मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में संभावित भारी बारिश और उससे उत्पन्न होने वाली आपदा की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता से जर्जर मकानों को तत्काल छोड़ देने को कहा हैँ। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने सभी उप जिलाधिकारियों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही प्रत्येक एसडीएम को अपने क्षेत्र में स्थित जर्जर मकानों, कच्चे भवनों तथा ऐसे अन्य स्थानों की सूची तैयार करने को कहा गया है, जहां लगातार बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोग समय से सुरक्षित स्थानों पर पहुच जाये। ताकि संभावित हादसे से बचा जा सके।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने बताया है कि राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, नगर निकायों, विद्युत विभाग समेत सभी संबंधित विभागों और आपदा राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं कि संवेदनशील एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। राहत चौकियों और राहत शिविरों को भी तत्काल प्रभाव से संचालन योग्य स्थिति में तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
प्रशासन ने ग्राम स्तर तक निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया है। ग्राम प्रधानों, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन समितियों को सक्रिय रखते हुए संभावित खतरे वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी सूचना पर बिना देरी किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं, जिससे जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।
जिला प्रशासन ने आमजन से भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा जर्जर मकानों मे न रहे। जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों, पुलों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें। अधिक पानी भरे रास्तों को पार करने का प्रयास न करें। वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और बिजली के खंभों, टूटे हुए तारों तथा विद्युत उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों में खेलने न जाने दें और नदी, नहर, तालाब सहित अन्य जलाशयों के किनारे जाने से बचें। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आवश्यक दवाइयां, पीने का पानी, टॉर्च, मोबाइल चार्जर और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर रखें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जा रही चेतावनियों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति, जलभराव या दुर्घटना की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दें। सहायता के लिए 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1077 अथवा मोबाइल नंबर 9412210080 पर संपर्क किया जा सकता है।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






