मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि जिले में बीज कारोबार को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए लिए कृषि कृषि। विभाग ने बडा फैसला लिया है। अब एक अगस्त से बीज का स्टॉक, खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और वापसी केवल केंद्र सरकार के साथी पोर्टल के माध्यम से ही मान्य होगी।
इसके लिए जिले के सभी बीज उत्पादकों, डीलरों, वितरकों, निजी फर्मों, सहकारी समितियों और राजकीय बिक्री केंद्रों को 31 जुलाई तक पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। जनपद में अब तक 828 बीज विक्रेताओ के सापेक्ष 121 डीलरो ने ही पंजीकरण किया गया है, जबकि कृषि विभाग के अनुसार शासन के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे बीज की ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित्त की जा सके। अब बीज से जुडे प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड साथी पोर्टल पर दर्ज करना होगा। साथ ही स्टॉक पंजिका भी अपडेट रखनी होगी। अगर पोर्टल पर दर्ज स्टॉक, रजिस्टर और प्रतिष्ठान में मौजूद भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि 31 जुलाई तक सभी बीज विक्रेताओं और फर्मों को साथी पोर्टल पर ऑनबोर्ड होना होगा। अगर कोई विक्रेता पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराता है तो वह एक अगस्त के बाद बीज की बिक्री नहीं कर सकेगा। साथ ही बीज बिकी लाईसेन्स निरस्त कर दिया जायेगा एवं बीज लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए भी अब साथी पोर्टल से प्राप्त अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना साथी पोर्टल के बीज का कारोबार करते पाए जाने पर बीज अधिनियम 1968 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत संबंधित विक्रेता और कंपनी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

संसार में करुणा एवं मैत्री भाव का संचार करने के लिए अवतार लेते हैं भगवान-स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती
हरिद्वार (रिपोर्टर)। श्रीगीता विज्ञान आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती ने कहा कि संसार में करुणा एवं मैत्री भाव का संचार करने के लिए भगवान स्वयं अवतरित होते हैं। जबकि मनुष्य को कर्म करने के लिए जन्म लेना पड़ता है। भगवान के जन्मोत्सव में जिन भक्तों को सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त होता है।






