मुजफ्फरनगर। ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारों की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन करने के साथ धरना दिया। इस दौरान डीएम को सौंपे ज्ञापन में पीड़ित परिवारों ने चिट फंड कंपनियों में डूबी अपनी रकम को वापस पाने के लिए पहल किए जाने की मांग की।
डीएम अरविंद मnप्पा बंगारी के नाम सौंपे ज्ञापन से पूर्व धरने को कलेक्ट्रेट में संबोधित करते हुए ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष सतीश गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार ने निवेशकों का पैसा वापस कराने के लिए करीब 5 वर्ष पहले बड्स एक्ट 2019 कानून तो बना दिया, लेकिन अभी तक किसी निवेशक का पैसा वापस नहीं किया गया है। ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार के राष्ट्रीय महासचिव मदन सिंह गौतम ने बताया कि भुगतान न होने के कारण बड़ी संख्या में एजेंट व निवेशक मानसिक रूप से परेशान हैं तथा कई एजेंटों व निवेशकों ने पैसा ना मिलने के कारण आत्महत्या कर ली है। इस दौरान संगठन के महासचिव केतन कर्णवाल ने कहा कि मुजफ्फरनगर में हजारों एजेंटो एवं निवेशकों का करोड़ों रुपया अनेक चिटफंड कंपनियों में फंसा पड़ा है, जिसके कारण एजेंट और निवेशक अत्याधिक मानसिक तनाव में है। उन्होंने डीएम से मांग की कि लोकतंत्र के मंदिर संसद, सरकार और कानून की गरिमा को बचाने के लिए मुजफ्फरनगर में बड्स एक्ट 2019 कानून के अंतर्गत ठगी पीड़ितों की जमा राशि का भुगतान जल्दी से अवश्य कराएं। प्रदेश महासचिव उदयवीर छरौली ने कहा कि इन चिटफंड कंपनियों में अधिकतर गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों का ही पैसा लगा है, ऐसे में सरकार से अपेक्षा है कि गरीबों का हित देखते हुए जल्दी भुगतान सुनिश्चित कराएं। इस दौरान धरने में जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार, संयोजक सोमनाथ रुहेला, अंकुज गुप्ता, बालेश्वर त्यागी, यूसुफ, इरशाद, रतन सिंह, लक्ष्मी चन्द, कौशल, सुरेन्द्र, सत्य पाल व शान मियां आदि मौजूद रहे।







