मुजफ्फरनगर। नगरपालिका द्वारा अपनी आय बढ़ाने की दिशा में शुरू कवायदों के बीच अब शहरी क्षेत्र के ऐसे आवासीय व व्यवसायिक भवनों को चिन्हित करने में जुटी है, जो कि पुराने भूखण्ड पर नए स्वरूप में निर्मित कराएं हैं और इनका नया स्वरूप पालिका टैक्स के दायरे से बाहर है। ऐसे भवनों की तलाश में पालिका ने टैक्स विभाग के राजस्व निरीक्षकों से भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी है। इसमें स्थलीय निरीक्षण करते हुए भवनों का चिन्हीकरण कार्य करने के साथ ही ऐसे नये भवनों पर नया कर निर्धारण करते हुए भवन स्वामियों को नोटिस भेजने का काम भी शुरू कर दिया है। पहले चरण में 25 भवन स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं, जिन्हें नए कर पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के निर्देशन में इन दिनों टैक्स विभाग पालिका की आय में बढ़ोतरी करने के लिए नए-नए प्रयोग करने में जुटा है। कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने सीमा विस्तार के बाद पालिका में शामिल नए क्षेत्रों में कर निर्धारण प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही शहरी क्षेत्र के होटल, बैंकटहॉल, नर्सिंग होग आदि को भी लाइसेंस के दायरे में लाने के लिए नोटिस भेजने की कार्यवाही की है तो अब पालिका प्रशासन की नजरों में ऐसे भवन खटकने लगे हैं, जो पुराने भूखंड पर भी नवनिर्मित किए हैं। ऐसे भवनों का चिन्हीकरण कराने का काम शुरू किया जा रहा है। इसके साथ नए स्वरूप में वजूद में आए इन आवासीय और व्यवसायिक भवनों को नए सिरे से टैक्स के दायरे में लाने की तैयारी है। कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्र में पुराने भूखंडों पर कई स्थानों पर नए आवासीय व व्यवसायिक भवनों का नवनिर्माण होने की जानकारी मिली है। ऐसे में पालिका के टैक्स विभाग की ओर से ऐसे भवनों को नए टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है। इन पर अभी पुराने भवन की स्थिति के आधार पर टैक्स लगा है, जबकि इनमें से कई भूखंडों पर बड़े व्यवसायिक कॉम्पलैक्स भी बना लिए गए हैं। ऐसे में इन पर पूर्व निर्धारित टैक्स का स्वरूप बदला जाना जरुरी हो गया है। नगरपालिका के तीनों राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वो अपने क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए ऐसे नए भवनों का चिन्हीकरण करते हुए विभाग को रिपोर्ट देंगे और इसके साथ इन भवनों पर नया टैक्स निर्धारण करते हुए उसे लागू करने के लिए भवन स्वामियों को नोटिस जारी करायेंगे। नोटिस जारी करने के लिए कर अधीक्षक को निर्देशित किया गया है।
इन्होंने कहा-
टीएस नरेश कुमार शिवालिया ने बताया कि पालिका की आय बढ़ोतरी के लिए शहरी क्षेत्र के नये भवनों पर मौजूदा स्थिति के आधार पर वार्षिक मूल्य निर्धारण करते हुए नया टैक्स लगाया जा रहा है। राजस्व निरीक्षकों ने जिन भवनों पर अपनी रिपोर्ट दी है, उन्हें नया कर निर्धारित करते हुए 25 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किये जा चुके हैं। साथ ही नये कर निर्धारण पर यदि कोई आपत्ति है तो वो 30 दिन में टैक्स विभाग में आपत्ति दर्ज कराते हुए स्व:कर निर्धारण प्रणाली के तहत स्व घोषित कर लागू करा सकता है।







