मुजफ्फरनगर/बुढ़ाना (रिपोर्टर)। ई-पंजीकरण योजना और उपनिबंधक कार्यालय के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को बुढ़ाना तहसील परिसर पूरी तरह ठप रहा। तहसील में बैठने वाले सभी अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और टाइपिस्ट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण उपनिबंधक कार्यालय और अधिवक्ताओं के चेंबर पर ताले लटक गए।
हड़ताल के चलते तहसील मुख्यालय पर रजिस्ट्री, बैनामा और अन्य राजस्व संबंधी कोई भी काम नहीं हो सका। अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और अन्य सभी लोग बार एसोसिएशन के मीटिंग हाल में एकजुट होकर धरने पर बैठे रहे। उपनिबंधक कार्यालय के बाहर और अधिवक्ताओं के चेंबरों पर लगे ताले तहसील की बंदी की गवाही दे रहे थे। हड़ताल के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार उपनिबंधक कार्यालय में डिजिटल रजिस्ट्री योजना लागू कर और सभी कार्यों का ठेका प्राइवेट कंपनी को देकर युवाओं को बेरोजगार कर रही है। उनका आरोप था कि निजीकरण से प्राइवेट कंपनी के लोग जनता से मनमाने तरीके से वसूली करेंगे। इससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और पारदर्शिता भी खत्म होगी।
वक्ताओं ने मांग की कि ई-रजिस्ट्री योजना वापस ली जाए और उपनिबंधक कार्यालय के कार्य निजी हाथों में न दिए जाएं। जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानती हड़ताल जारी रहेगी। यहां बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश पाल सिंह वर्मा, महासचिव सुभाष राठी, पूर्व महासचिव विकास त्यागी, ओमपाल सिंह, श्यामवीर वर्मा, पूर्व अध्यक्ष विनय बालियान, विश्वास त्यागी, रविंद्र, महराज कुरैशी, मौहम्मद मियां रिजवानी, आबाद कुरैशी, इलियास सैफी, संजय त्यागी, अलीम सिद्दीकी, हरबीर सिंह, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष पवन सैनी, ब्रिजेश, स्टाम्प विक्रेता प्रमोद, टाइपिस्ट सुमित सहित फोटो स्टेट संचालक भी मौजूद रहे।

पीईटी-2026 की परीक्षा अब 25, 30 अक्टूबर और एक नवंबर को
लखनऊ (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा(पीईटी)-2026 की तिथियों में बदलाव किया है। अब परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और एक नवंबर को आयोजित की जाएगी। पहले परीक्षा 23, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। परीक्षा केंद्रों की सूची और सहमति पत्र की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।






