मुज़फ्फरनगर। देश-विदेश की सुर्खियों में रहे जनपद के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में हुए थप्पड़ प्रकरण में शुक्रवार को बीएसए संदीप कुमार सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित छात्र की शारदेन स्कूल में पढ़ाई नियमित रखने के आदेश देने के साथ ही स्कूल के खर्च वहन के लिए प्रायोजक खोजने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए। बीएसए ने इस मामले में एनजीओ से बात कर छात्र की आगे की पढ़ाई के साथ परिवहन खर्च के लिए भी जिम्मेदारी तय कर दी है। कार्ट में अब अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तिथि लगी है।
जनपद के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव खुब्बापुर में स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में बीते 25 अगस्त 2023 को प्रधानाचार्य तृप्ता त्यागी ने पीड़ित छात्र को दो का पहाड़ा नहीं सुनाने पर साथी छात्रों से थप्पड़ लगवाए थे। थप्पड़ लगाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद यह मामला देश-विदेश तक पहुंचने के बाद में तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हुई। शुक्रवार को इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बीएसए को निर्देश दिए कि छात्र की पढ़ाई शारदेन स्कूल में ही चलती रहनी चाहिए। इसके साथ छात्र के खर्च के लिए प्रायोजक की तलाश की जाए। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित छात्र की शारदेन स्कूल में पढ़ाई को नियमित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ खर्च वहन के लिए एनजीओ की खोज के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि शहीद मुर्तजा सामाजिक संगठन ने खर्च उठाने को इस शर्त पर सामने आया है कि यदि छात्र का परीक्षा परिणाम बेहतर नहीं रहेगा तो वह पीछे हट जाएगा।
बता दें, सुप्रीम कोर्ट में दायर मामले में अब तक 11 सुनवाई हो चुकी है, जिसमें मुजफ्फरनगर बीएसए को भी सुनवाई के दौरान तलब होना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट की बदौलत ही पीड़ित छात्र की विशेषज्ञों की टीम ने काउंसलिंग के साथ शारदेन स्कूल में दाखिला हुआ था, जिसका खर्च बीएसए विभाग वहन कर रहा है। बीएसए संदीप कुमार सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित छात्र की शारदेन स्कूल में पढ़ाई नियमित रखने के आदेश दिए। स्कूल के खर्च वहन के लिए प्रायोजक खोजने के निर्देश दिए। बीएसए ने एनजीओ से बात कर छात्र की आगे की पढ़ाई और परिवहन खर्च के लिए जिम्मेदारी तय कर दी है। अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तिथि लगी है।







