मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। विकास कार्यों में लापरवाही और उदासीनता के चलते घटिया सामग्री का उपयोग तमाम दवा और प्रयासों के बावजूद हमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि कुछ मामलों में शिकायत होने के बाद जांच कमेटी के नाम पर तमाम नाटक किए जाने का क्रम अभी भी जारी है लेकिन जिम्मेदारों को खिलाफ कार्रवाई न होना चिंता का कारण बना हुआ है। ऐसा ही एक मामला बीते दिनों मुजफ्फरनगर से लखनऊ राजधानी तक सुर्खियों में रहा लेकिन सत्ता के दबाव में उक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। ऐसी स्थिति में स्थानीय अधिकारियों द्वारा शासन को भेजी सकारात्मक रिपोर्ट भी फाइलों में दबाकर दम तोड़ गई। उक्त मामला राजनीतिक आत्माओं के संरक्षण में ठेकेदारों के घाट जोड़ को उजागर करता है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं मुजफ्फरनगर शहर से सटे गांव पिनना से सलेमपुर तक 3 किलोमीटर सड़क की, जो पीडब्ल्यूडी विभाग ने बनाई है। इस सड़क को बने हुए अभी कुछ समय ही हुआ है और सड़क में घास उग गई है। सड़क के किनारो पर सपोर्टिंग के रूप में दोनों साइड इंटर वाकिंग होनी है। इससे सड़क को मजबूत सपोटिग के लिए लगाई जाती है, लेकिन यह भी नहीं लगाई गई। इस मामले में पूर्व में गांव पिन्ना निवासी समाजसेवी सुमित मलिक ने शासन-प्रशासन से फिर शिकायत की है। उन्होंने बताया कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। इसको बचाने का प्रयास करें। जिस कंपनी के द्वारा यह सड़क बनाई गई है उसके खिलाफ जांच करने के उपरांत कानूनी कार्यवाही की जाए। ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी धन का दुरुपयोग ना कर सके सड़क की गुणवत्ता में जो कमियां दिख रही है उसको दुरुस्त किया जा सके। मुख्यमंत्री का सपना है भ्रष्टाचार को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी व कंपनियों के द्वारा सड़क की गुणवत्ता में कमी दिख रही है जिससे दो सप्ताह पहले बनी सड़क में घास उगी है इस मामले में सख्त कार्यवाही की जाए।

स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, पुरकाजी में निरीक्षण, अनियमितताओं पर नोटिस जारी
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में अवैध एवं अनियमित रूप से संचालित चिकित्सीय संस्थानों के विरुद्ध मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार द्वारा पुरकाजी क्षेत्र में विभिन्न चिकित्सीय संस्थानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आनंद सिटी हॉस्पिटल रुड़की रोड






