मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नगरीय क्षेत्र में जलभराव, संकरी एवं टूटी सड़कें समेत अन्य जन समस्याओं से जूझ रही जनता को राहत दिलाने की कवायद तेज हो गई है। इन्हीं व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार में डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों की बैठक संपन्न हुई। उक्त बैठक में मुख्य रूप से श्रीराम कॉलेज के बाहर टूटी सड़क एवं जल निकासी की समस्या का स्थाई निदान कराने के साथ एटूजेड रोड की सड़क के चौड़ीकरण से जुड़े मुद्दों पर अन्तर्विभागीय अधिकारियों के साथ विचार मंथन किया।
बैठक में डीएम उमेश मिश्रा को पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि श्रीराम कॉलेज के बाहर जल निकासी व्यवस्था हेतु जल निगम की तरफ से नगर पालिका को प्राप्त कराए ड्रेनेज सिस्टम के डीपीआर की धनराशि 476.7 लाख रुपए आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराते हुए जल निगम को ट्रांसफर कर दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त श्रीराम कॉलेज के बाहर की सड़क एवं दूसरी तरफ के नाले निर्माण का टैंडर नगर पालिका द्वारा पूर्ण कर लिया, जिसकी लागत करीब 05 करोड़ रुपए है। इसके अतिरिक्त एटूजेड रोड के चौड़ीकरण कार्य हेतु एनडीए एवं पालिका को संयुक्त रूप से सर्वे कर सड़क चौड़ीकरण की संभावना तलाशने के लिए डीएम ने स्पष्ट निर्देशित किया कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के समय जल निकासी व्यवस्था का अवश्य ध्यान रखा जाये, जिससे भविष्य में जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
डीएम उमेश मिश्रा ने पालिका क्षेत्र में डॉग शेल्टर होम एण्ड एबीसी सेन्टर से सम्बन्धित सुप्रीम कोर्ट की जारी गाइडलाईन के अनुपालन के संबंध में अधिशासी अधिकारी पालिका द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी मांगी, जिसमें ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने ग्राम मीरापुर में चिन्हित कुल 1540 वर्ग मीटर भूमि पर गुरूवार को किए निरीक्षण की जानकारी देते हुए बताया कि यहां पर स्थानीय निवासियों द्वारा डॉग शेल्टर होम एण्ड एबीसी सेन्टर बनाये जाने पर विरोध किया गया। डीएम ने एसडीएम सदर एवं अधिशासी अधिकारी को अन्य भूमि तलाशने को निर्देशित किया। बैठक में एमडीए सचिव, पालिका ईओ, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, एमडीए एई एवं पालिका एई-जेई निर्माण आदि मौजूद रहे।






