मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। हिंदू संघर्ष समिति से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने संयोजक नरेंद्र पंवार के नेतृत्व में सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया से मुलाकात की। इस दौरान समिति ने जिले में एक सघन चेकिंग अभियान चलाने की मांग की। साथ ही जनपद में डॉ. राकेश नाथ आवटे के विषय में चर्चा की, जिसका लाइसेंस पूर्व में उत्तराखंड सरकार से निरस्त हो गया, लेकिन इसके बावजूद वह मुजफ्फरनगर में कई निजी अस्पतालों में डिग्री लगाकर सेवाएं दिए जाने की बात की। समिति ने सीएमओ से अभियान चलाकर ऐसे चिकित्सकों को चिन्हित किए जाने की मांग की। ताकि जिले में कहीं और तो ऐसे डॉक्टर नहीं हैं, जो फर्जी डिग्रियों के आधार पर कार्यरत रहकर लोगों की जान माल से खिलवाड़ कर रहे हों।
हिंदू संघर्ष समिति ने मुख्य चिकित्साधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि ऐसे डॉक्टरों को चिन्हित किया जाए, जो एक साथ विभिन्न अस्पतालों में डिग्री देकर अपने नाम का दुरूपयोग करते हुए अपनी गैर मौजूदगी में झोलाछाप डॉक्टरों को सेवाएं देने का अवसर प्रदान कर जनमानस के जीवन से खिलवाड़ करने का अवसर दे रहे हैं। समिति ने दावा किया कि डिग्री देने वाले ऐसे डॉक्टर भी उतने ही अपराधी हैं, जितना उनकी डिग्री पर बैठकर सेवाएं देने वाला अन्य चिकित्सक है। इस दौरान अरुण प्रताप सिंह, संजय मिश्रा, देशराज चौहान, पवन मित्तल,चमन लाल कुक्की, सुरेंद्र मित्तल, पवन पांचाल, राजेंद्र धीमान, सोनू धीमान आदि विभिन्न संगठनों के हिंदू वीर मौजूद रहे।
हिन्दू संघर्ष समिति से जुड़े पदाधिकारियों को सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही टीम गठित कर पूरे जनपद में निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों पर चेकिंग अभियान चलाते हुए फर्जी एवं झोलाछाप चिकित्सकों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ उन्होंने हिंदू संघर्ष समिति की मांग पर जांच करते हुए निरस्त डिग्री के डॉक्टर राकेश नाथ आवटे को प्रेक्टिस करने पर रोक लगाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया।






