मुजफ्फरनगर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश शाखा मुजफ्फरनगर एवं इण्डियन पब्लिक सर्विस एम्पलोई फेडरेशन द्वारा मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय पर सत्याग्रह एवं भूख हड़ताल के बूते लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। सीएमओ कार्यालय पर शुरू किए आंदोलन का नेतृत्व परिषद के वरिष्ठ सदस्य केसी राय ने किया, जिसमें जिलेभर के सभी घटक संगठनों ने भागीदारी निभाई। इस दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी किया जाएगा।
सीएमओ कार्यालय पर किए आंदोलन का मुख्य उद्देश्य राज्य कर्मचारियों की वर्षों पुरानी लंबित मांगों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। इस बीच भूख हड़ताल में बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और योगी सरकार से अपनी जायज मांगों को शीघ्र पूर्ण करने की अपील की। इस दौरान मंडलीय मंत्री परिषद् कंचन बाला ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए और मंहगाई भत्ते सहित सभी लंबित मुद्दों का समाधान किया जाए। जिलाध्यक्ष संजीव लांबा ने कहा कि बीते वर्षों में कोविड महामारी के बीच कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर सेवा दी, लेकिन इसके बावजूद उनके हितों की अनदेखी हो रही है। मंत्री सुधीर बालियान ने कहा कि वेतन विसंगतियों का समाधान, मृतक आश्रितों की नियुक्ति के साथ दैनिक वेतनभोगियों का विनियमीकरण, सीधी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग की। स्टाफ नर्सेज संघ की जिलाध्यक्ष सरिता चौधरी ने उत्तर प्रदेश में केंद्र की तर्ज पर 200 बेड वाले अस्पतालों में नर्सिंग अधीक्षक और 500 बेड पर एक मुख्य नर्सिंग अधिकारी की नियुक्ति किए जाने की पैरवी की। मौहम्मद हारून ने नवसृजित जिला अस्पतालों एवं महिला अस्पतालों को उच्चीकृत करने के साथ मेडिकल कॉलेज स्तर की सुविधाएं और कर्मियों को उनके मूल विभाग में पद के साथ पुरानी पेंशन बहाली और वेतन विसंगतियों के समाधान की मांग की। इस दौरान मंत्री मनोज त्यागी ने डिप्लोमा फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, आॅप्टोमेट्रिस्ट के ग्रेड-पे में सुधार की मांग की। इस दौरान मुख्य रूप से केसी राय, कंचन बाला, सुधीर कुमार बालियान, संजीव लाम्बा, सरिता चौधरी, मौ. हारून, संजय कुमार, रोहित चौधरी, कमल वत्स, वंदना, अनुराग, अनिल कुमार, मुकेश कुमार, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।






