सरदार बलजीत सिंह पर गिरी गाज, कंपनी से हटाए गए
वित्तीय अनियमितता किए जाने के आरोपों में हुई कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका प्रशासन की ओर से नगरीय क्षेत्र को क्लीन एंड ग्रीन बनाने की दिशा में शुरू पहल पर डोर-टू-डोर कूडा कलेक्शन का जिम्मा उठा रही एमआईटूसी सिक्योरिटी एंड फैसिलिटी प्रा. लि. कंपनी के जोन वन इंचार्ज सरदार बलजीत सिंह पर एक बार फिर कार्रवाई की गाज गिर गई है। इस बार उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता पाने पर एमआईटूसी के परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह ने कार्रवाई करते हुए हटा दिया। सिक्योरिटी जमा कराने के नाम पर सुपरवाईजर व ड्राइवरों से अवैध वसूली किए जाने का उन पर आरोप है। उन्होंने बताया कि अब स. बलजीत का कम्पनी के साथ कोई संबंध नहीं है।
नगरपालिका परिषद की पहल पर बीते 16 फरवरी से नगर क्षेत्र के 55 वार्डों से डोर-टू-डोर कूडा कलेक्शन के लिए एमआईटूसी सिक्योरिटी एंड फैसिलिटी प्रा. लि. कम्पनी दिल्ली के साथ अनुबंध किए जाने के साथ कम्पनी द्वारा कार्य शुरू किया था। वहीं शहर के डलावघरों से कूडा उठाने का कार्य प्रारंभ है। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए कम्पनी ने स. बलजीत सिंह को जोन वन का इंचार्ज बनाया था। आरोप है कि स. बलजीत सिंह ने वार्डों में सुपरवाईजर व वाहनों पर रखे गए ड्राईवरों से तय सिक्योरिटी से अधिक धनराशि वसूली गई है, जबकि कम्पनी का नियम है कि जिसे भी रखा जाएगा उससे दस हजार रुपए की रिक्योरिटी जमा कराई जाएगी। बाद में जब उक्त व्यक्ति काम छोडकर जाएगा उसे 10 हजार रुपए जमा की गई सिक्योरिटी वापस कर दी जाएगी। स. बलजीत सिंह द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता को लेकर कम्पनी से उन्हें हटा दिया गया है। पूर्व में भी विकास भवन व नगरपालिका में कार्यरत रहे स. बलजीत सिंह पर आरोप लगे थे। उस समय भी उन्हें हटा दिया गया था।
इन्होंने कहा-
परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की निगरानी को लेकर स. बलजीत सिंह को जोन वन इंचार्ज बनाया गया था। उनके द्वारा काफी वित्तीय अनियमितता किए जाने के साथ सुपरवाईजर और ड्राईवरों को रखने के नाम पर सिक्योरिटी से अधिक धनराशि वसूली गई है, जिसके चलते उन्हें कम्पनी से हटा दिया गया है।






