मुजफ्फरनगर। दिल्ली-एनसीआर में मौसम में जारी बदलाव के बीच अब जिले में डेंगू के साथ ही मलेरिया की दस्तक के बीच इससे जुड़े मामले प्रकाश में आने लगे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी एक भी डेंगू-मरीज सामने नहीं आने का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की जांच में जनपद के 171 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है, जिसे नष्ट कर लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया गया है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जनपद में 13 हजार से अधिक घरों में इस लार्वा की जांच की जा चुकी है।
गर्मी की दस्तक व मौसम में जारी बदलाव के बीच प्रदेश के विभिन्न जनपदों में डेंगू के मरीज सामने आने लगे हैं। जनपद में इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी संचारी रोग अभियान के साथ ही मरीजों की पहचान के साथ डेंगू को पनपने से रोकने के लिए घरों में जमा पानी की जांच करने के साथ डेंगू का लार्वा मिलने पर उसे नष्ट कराना शुरू कर दिया है। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि जनपद में दस्तक अभियान शुरू है, इस अभियान के तहत जनपद में कुल 2184 आशाएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां धरातल पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इसके तहत कर्मचारी घर-घर पहुंच रही हंै। अभी तक टीम ने डेंगू लार्वा नष्ट करने के लिए 13,639 घरों में जांच की है, जहां उन्हें पानी भरा मिला है। इस दौरान 171 घरों में लापरवाही भी सामने आई है। इन घरों में डेंगू लार्वा मिला है, जिसे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नष्ट कराया है। इसके साथ लोगों को डेंगू और मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए भी जागरूक किया गया। लोगों को बताया कि अपने घर व आसपास पानी का जमाव नहीं होने दें। इसमें डेंगू कर लार्वा पैदा होता है, जिससे मच्छरों की प्रजनन बढ़ने के बाद डेंगू और मलेरिया की बीमारी फैलती है।






