मुजफ्फरनगर। श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार मुजफ्फरनगर के संरक्षक व कार्यक्रम के मुख्य संयोजक अमर कान्त गुप्ता ने पत्रकारों के वार्ता के दौरान बताया कि पूज्य संत गीता मनीषी महामण्डलेश्वर श्री ज्ञानानन्द जी महाराज 19 मई को मुजफ्फरनगर में पधार रहे हैं। आज के भौतिक युग में हर व्यक्ति की परम आवश्यकता है श्रीमद्भगवद्गीता । भगवान श्री जानते थे कि आने वाले कलीकाल में क्या-क्या समस्याऐं आ सकती हैं, इसलिये उन्होने अपने अवतार काल में उन समस्याओं के समाधान हेतू गीता का दिव्य उपदेश दिया। तनावपूर्ण, दुविधाग्रस्त, द्वन्दात्मक वातावरण महाभारत काल में भी था तथा आज भी है। परम श्रदेय महामण्डलेश्वर गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानन्द जी महाराज श्रीमद्भगवद्गीता के अनन्य प्रेरक संत हैं, उपरोक्त सभी समस्याओं का समाधान गीता जी में विद्यमान है। गीता जी जैसे गहरे सागर में से अमूल्य मोती निकालने का कार्य महाराज श्री द्वारा किया गया है, जिसका लाभ हम सभी को मिले इस हेतू महाराज श्री का दिव्य गीता सत्संग 19 मई से 21 मई तक मयूर महल बैकेंट हॉल, लिंक रोड, आर्दश कालोनी, मुजफ्फरनगर में आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि 19 मई व 20 मई को सत्संग का समय सांय 4:30 बजे से 7:00 बजे तक रहेगा तथा 21 मई को सत्संग का समय प्रातः 10:30 बजे से 1:00 बजे तक रहेगा। उन्होंने धर्म प्रेमियों से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर दिव्य गीता सत्संग का लाभ उठाये। इस दौरान एडवोकेट अमर कान्त गुप्ता, डा० मनोज काबरा, सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, श्री श्याम लाल बंसल, महेन्द्र कुमार गोयल, कुंज बिहारी अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, कमल गोयल, अतुल कुमार गर्ग, सुभाष गर्ग, एड० आर.के.मलिक, लोकेश चन्द्रा, अजय गर्ग, रामबीर सिंह, अजय गर्ग (बैंक वाले), एड० संजीव मित्तल, डा० मुकेश, मुकेश बिदंल, गोपाल मित्तल, एड० आलोक गर्ग, सुभाष गोयल, अजय गोयल, एड० अवतोष शर्मा, पवन काबरा, विजय शंकर शर्मा, अशोक कंसल, होती लाल शर्मा आदि सदस्य उपस्थित रहे।

अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम आयोजित
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्वाध्याय मंडल कार्यक्रम राष्ट्रीय सभागार हाल सिविल बार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता शलभ बंसल ने कार्यक्रम के विषय *घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005* के विषय में विस्तार से चर्चा की और






