मुजफ्फरनगर। जनपद में आए दिन नियमों की अनदेखी को लेकर कानून का पाठ पढ़ाने के साथ ऐसे लोगों पर अब मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का महाबली कहर बनकर टूट रहा है, जिन्होंने इस बीच कानून का उल्लंघन किया है। बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही अधिक धन की लालसा में जुटे ऐसे प्लाटिंग कर्ताओं को नियमों का अहसास कराने की खातिर गुरूवार को भी एमडीए की टीम ने कार्यवाही करते हुए विकास क्षेत्र जोन-5 थाना कोतवाली क्षेत्र में कार्रवाई की। एमडीए की इस कार्यवाही से क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा।
गुरूवार को एमडीए उपाध्यक्ष कविता मीणा के आदेशों के बीच में अवैध भू-स्वामी/प्लॉटिंगकर्ता राकेश पुत्र रामनाथ, सुरेंद्र, विरेन्द्र, सहेन्द्र, शोकिन्द्र, नरेन्द्र, पप्पू पुत्र सुक्का, इमरान राणा, मा. आबिद आदि द्वारा शामली बाईपास रोड से वहलना को जाने वाले रास्ते पर जोहड़ के पास मुजफ्फरनगर में लगभग 08 बीघा, अजय चौधरी, आर्य चौधरी पुत्र दिलावर सिंह, इमरान राणा, जहीर राणा, मास्टर आबिद आदि द्वारा वहलना स्टील के सामने एवं नंदगांव बारात घर के पीछे वहलना इण्डस्ट्रीयल एरिया, मुजफ्फरनगर में लगभग 15 बीघा भूमि में अनाधिकृत रूप से (प्राधिकरण से तलपट मानचित्र स्वीकृत कराये बिना) अवैध प्लॉटिंग के निर्माण को ध्वस्त किया गया। उक्त अवैध प्लॉटिंग के विरूद्ध प्राधिकरण द्वारा पूर्व में नोटिस जारी किये थे। जिसमें चालानी कार्यवाही के उपरान्त पूर्व में ध्वस्तीकरण के आदेश निर्गत किये गये थे, परन्तु अवैध प्लॉटिंग के भू-स्वामियों ने स्थल से अवैध प्लॉटिंग को फिर भी नहीं हटाया। एमडीए द्वारा विकास क्षेत्र जोन-5 थाना कोतवाली क्षेत्र में उक्त 02 स्थल पर लगभग 23 बीघा भूमि पर अवैध रूप से विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी के विरूद्ध ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई है। अवैध कालोनी के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के समय प्राधिकरण कार्यालय के अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, एवं प्राधिकरण टीम के साथ साथ सम्बन्धित थाने का पुलिस बल भी मौके पर उपस्थित रहा।

मुजफ्फरनगर में पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों पर छापेमारी, 12 नमूने लिए, मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को भारत सरकार और राज्य कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में स्थापित पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच उत्पादन इकाइयों की जांच करते हुए कीटनाशकों के कुल 12 नमूने लिए, जिन्हें जांच के






