हद! पालिका में 82 हजार संपत्ति पंजीकृत, 33 हजार से हुई टैक्स वसूली

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टैक्स वसूली में पिछड़ने पर ईओ ने टीओ को भेजा नोटिस
लक्ष्य में पिछड़ने पर तीन दिन में मांगा जवाब, चर्चा जोंरों पर
मुजफ्फरनगर। बीते वर्ष लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली कर यूपी सरकार की प्रशंसा बटोरने के साथ ही नगरोदय जैसी योजना में विशेष बजट पाने वाली मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद् वसूली में इस बार लक्ष्य हासिल करने में हांफती नजर आ रही है। इस बार लक्ष्य से 25 प्रतिशत से अधिक वसूली करने का एक सपना संजोया था, ताकि शहरी विकास में शासन से इस बार भी अतिरिक्त बजट हासिल किया जा सके। इसे लेकर गंभीर हुई ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने पालिका में पंजीकृत संपत्तियों में 50 प्रतिशत संपत्तियों से वार्षिक कर के रूप में राजस्व वसूली न हो पाने पर नाराजगी के साथ टीओ को नोटिस जारी करते हुए उनसे तीन बिन्दुओं पर दो दिन के भीतर ही स्पष्टीकरण मांगा है।
मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 के समाप्त होने में चंद दिन शेष बचे हैं। ऐसे में वार्षिक कर और अन्य मदों में राजस्व वसूली को लेकर पालिका के कर विभाग की सुस्त चाल चर्चाओं में है। गत दिवस ईओ प्रज्ञा सिंह द्वारा की राजस्व वसूली की समीक्षा में पालिका के पिछड़ने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए टीओ दिनेश यादव और एई जल सुनील कुमार को पत्र जारी करते हुए राजस्व वसूली के लिए वार्डांे में कैंप लगाने और प्रतिदिन विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। समीक्षा में पालिका के कर विभाग में पंजीकृत सम्पत्तियों से वार्षिक कर वसूलने में भी विभाग इस साल बहुत पीछे खड़ा नजर आ रहा है। इसके लिए ईओ ने टीओ को नोटिस जारी करते हुए पिछड़ने को लेकर कई सवालों का जवाब मांगा है। ईओ ने इस नोटिस में कहा है कि पालिका द्वारा कर व करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा में यह तथ्य संज्ञान में आया कि शहरी क्षेत्र में पंजीकृत 82,449 भवनों के सापेक्ष 33,605 भवनों से गृहकर और जलकर के रूप में तय राजस्व वसूली की गई है, जो पंजीकृत भवनों के सापेक्ष 50 प्रतिशत भी नहीं, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्ति में मात्र कुछ दिन का समय अवशेष है। उन्होंने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति खेदजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जायेगी।

इन्होंने कहा-
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि राजस्व वसूली समीक्षा में यह बात सामने आई है कि 82449 पंजीकृत भवनों के सापेक्ष चार मार्च तक 33605 भवनों से कर वसूल किया गया है। करीब 50 हजार भवनों से अभी कर वसूली ही नहीं हो पाई है। ऐसे में बकाया वसूली पर काम नहीं हो पायेगा। इसके लिए अब कर निर्धारण अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए उनसे इस लापरवाही के लिए जवाब मांगा है। इस स्थिति से चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को भी अवगत करा दिया गया है। पिछले साल पालिका को निर्धारित लक्ष्य से 25 प्रतिशत अधिक राजस्व वसूली करने पर अतिरिक्त बजट शासन से मिला। इस बार हमारे प्रयास थे कि लक्ष्य से 25 प्रतिशत से ज्यादा राजस्व वसूली हो पाये, लेकिन स्थिति बेहद खराब है।

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