मुजफ्फरनगर। रमजान के पाक माह की शुरूआत 02 फरवरी से हो चुकी है। इस्लाम धर्म में बेहद खास महीनों में शुमार इस महीने में रोजा रखते हुए सभी रोजेदार सूर्योदय से सूर्यास्त तक बिना कुछ खाए-पिए रहते हैं और इफ्तार के समय रोजा खोलते हैं। प्राय: इफ्तार की शुरूआत अक्सर खजूर से की जाती है, जो परंपरा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, अपितु इसके पीछे कई स्वास्थ्य से जुड़े कारण भी हैं। रोजे के दौरान शरीर लंबे समय तक बिना खाने-पानी के रहता है, जिससे इनके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है। ऐसे में सुरक्षा व स्वास्थ्य कारणों को लेकर मुख्य बाजारों से गली-मौहल्ले में दुकानों में जम कर खरीदारी होती रही। हालांकि इस बीच मुख्य बाजारों में फलों के साथ खाद्य सामग्री पर मंहगाई की मार का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
रमजान माह में वैसे तो बीते कई दिनों से हर घर परिवार में खाद्य सामग्री को खरीदने का क्रम जारी था, लेकिन शनिवार को रमजान के चांद के दीदार के साथ खाद्य सामग्री खरीदने को लेकर सक्रियता बढ़ गई। इन दिनों गली मौहल्लों के साथ मुख्य बाजारों में खजूद के साथ फल और सब्जी ही नहीं अन्य पेय पदार्शों व रोजे में प्रयुक्त होने वाली सेवई-खजला आदि की खरीदारी को लेकर हर ओर बाजार सजे हुए है। बाजारों में सादी सेवई 60 रुपये, छत्ते वाली सेवई 100-120 रुपये, कमामी सेवई 100-120 रुपये, बनारसी सेवई 140 व 160 रुपये, भुनी सेवई 140 रुपये, लाल लच्छा 150-200 रुपये, सफेद लच्छा 100-150 रुपये, बनारसी लच्छा 160 रुपये, सूत फेनी 200 रुपये, रुमाली 130 रुपये, दूध फेनी 170 रुपये तक बाजारों में बिक रही है। वहीं बाजारों में इस वक्त खजूर की 15 से अधिक वैरायटी दिखाई देने लगी है। खजूर नेचुरल शुगर का एक बेहतरीन सोर्स है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देने के साथ शरीर में ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करने में मदद कर, थकान को दूर करता है। इसके अलावा, खजूर में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को एक्टिव करता है और भूख को कंट्रोल करता है, जिससे इफ्तार के समय खाना खाने से बचा जा सकता है। बाजारों में सऊदी अरब के अजवा खजूर की मांग रमजान में अधिक होती है। यह खजूर 200 से 1500 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इसके अलावा बहाई वाला खजूर 120 रुपये किलो, इराकी खजूर 100 रुपये किलो, आलू खजूर 120 रुपये, अरबी खजूर 150 रुपये, बिना गुठली वाला खजूर 160 रुपये, फर्द खजूर 350 रुपये, कीमिया खजूर 300 रुपये, बरारी खजूर 500 रुपये, कलगी एवं सुगाई खजूर 800 रुपए, अजना खजूर 1500 रुपए, मेटजोल खजूर 1600 रुपए और मबरूम खजूर 1600 रुपये तक बिक रहा है। वहीं किशमिश और बादाम के अलावा काजू, अंजीर और पिस्ता जैसे सूखे मेवों की मांग भी बढ़ी हुई है। रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार में पोषक तत्वों से भरपूर चीजें खाने का रिवाज है, जिससे इन चीजों की बिक्री बढ़ने के साथ पेय पदार्यों के रूप में रूह अफजा, शरबत-ए-अलसी एवं फलों के रस लोगों की पसंद होते हैं।






