मुजफ्फरनगर । नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ निजी स्कूलों की मनमानी भी शुरू हो गई है। ऐसे में अधिकांश स्कूल नियमों को ताक पर रखकर अभिभावकों को खुलकर लूट रहे हैं। हालांकि इस मुद्दे में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष में 10.4 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि न करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी स्कूल संचालकों ने इस वर्ष 30 प्रतिशत शुल्क बढ़ोतरी कर दी। वहीं किताबों की खरीद और यूनिफॉर्म बदलने तक के मामले सामने आने लगे हैं।
शुक्रवार को स्कूल नियमों को ताक पर रख अपनी मनमानी के विरोध में अखिल भारतीय कश्यप महासंघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने डीएम दरबार में दस्तक देते हुए कार्यवाही किए जाने की मांग की। महासंघ के नगर अध्यक्ष राधेश्याम कश्यप ने मुख्यमंत्री के नाम भेजे शिकायती पत्र में निजी स्कूलों की मनमानी को रोके जाने के साथ परेशान अभिभावक एवं उनके बच्चों के भविष्य को देखते हुए समस्या का निदान कराए जाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की इसी ढ़िलाई का फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं। अभिभावकों की इस परेशानी और स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए महासंघ ने मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा विभाग व प्रशासन से कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की। वहीं नगर क्षेत्र में चल रहे अवैध रूप से संचालित कोचिंग सैंटरों को चिन्हित करने के साथ प्रतिबंधित किए जाने की मांग की।






