मुजफ्फरनगर। पालिका द्वारा नगर क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण के अनुबंध के आधार पर काम कर रही दिल्ली की कंपनी एमआईटूसी के कर्मियों की कामबंद हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रहने से स्थिति खराब हो रही है। शनिवार में कंपनी के प्राइमरी सैक्शन में काम करने वाले हड़ताली कर्मचारियों ने बड़े कूड़ा वाहनों पर भी अपना कब्जा जमा लिया और पार्किंग से इन वाहनों को नहीं निकलने दिया। दो माह का वेतन दिए जाने समेत अन्य मांगों के समाधान की मांग को लेकर कामबंद हड़ताल पर अड़े कर्मियों ने वेतन मिले बिना काम पर लौटने से इंकार कर दिया है। कंपनी अधिकारियों के साथ नगर मजिस्ट्रेट और पालिका अफसर भी इनके बीच पहुंचे, लेकिन घंटों के प्रयास बेकार साबित हुए और हड़ताल यूं ही जारी रही।
नगरपालिका परिषद् क्षेत्र को क्लीन एंड ग्रीन बनाने की दिशा में शुरू कवायदों को दिल्ली कंपनी एमआईटूसी का मैनेजमेंट भारी साबित हुआ। कंपनी तय शर्तों के अनुरूप काम न करने के साथ अपने कर्मियों को वेतन भुगतान कराने में भी विफल साबित हुई, जिसके चलते एक माह में 10 दिन से अधिक हड़ताल में बीत गए। अपने वेतन को लेकर बीते 5 दिनों से हड़ताल पर चल रहे कंपनी कर्मियों ने आक्रोशित होकर शनिवार प्रात: छह बजे रुड़की चुंगी स्थित कंपनी पार्किंग में पहुंचकर सेकेंड्री सेक्शन में लगे बड़े कूड़ा वाहनों पर कब्जा करते हुए डलावघरों से कूड़ा उठाने के लिए नहीं निकलने दिया। इससे कंपनी में हड़कम्प मच गया। इस बीच कंपनी के परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह और सेकेंड्री प्वाइंट इंचार्ज कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे। वहीं प्रदर्शनकारी कर्मियों ने पार्किंग के गेट पर जेसीबी के आगे धरना शुरू कर दिया। घंटों तक हंगामा चलता रहा। बाद में नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप और पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार तथा मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश गोलियान भी कर्मचारियों के बीच पहुंचे। इन कर्मचारियों से घंटों तक वार्ता हुई, लेकिन समाधान नहीं निकला। कंपनी परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह ने बताया कि चालक और हैल्पर सहित करीब 150 कर्मियों को कंपनी ने 5-5 हजार रुपये अक्टूबर माह के वेतन से भुगतान कर दिया। शेष भुगतान सोमवार में करा दिया जायेगा, लेकिन कर्मचारी पूरा ही वेतन मांगने पर अड़े रहे। नगर मजिस्ट्रेट व पालिका अधिकारी भी मान मनौवल के बाद बात न बनने पर वापस लौट गये। कर्मचारी वहीं धरने पर बैठे रहे। इस दौरान मुख्य रूप से जितेंद्र कुमार, आजाद, बाबू, अंकित सूद, अश्वनी वाल्मिकी, गौरव सूद, मौहम्मद नावेद, दीपक कुमार, संजय बौद्ध, रोहित कुमार, आशीष कुमार, मोहित कुमार, अजीत, सुशील समेत दर्जनों कर्मचारी शामिल रहे।






