मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की बोर्ड बैठक में एकजुटता का पाठ पढ़ाने वाले मुजफ्फरनगर सांसद हरेन्द्र मलिक ने अब नगरपालिका में व्यवस्था सुधार के लिए कमेटी गठन न होने पर आवाज उठाई है। उन्होंने इन समितियों का गठन कराने के लिए डीएम को पत्र के माध्यम से मांग की तो डीएम के निर्देश पर पालिका की अधिशासी अधिकारी को नियमानुसार समिति गठन कराकर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं।
नगरपालिका परिषद् में सात समितियों के गठन का मामला पूर्व चेयरमैन अंजू अग्रवाल के कार्यकाल के बाद फिर से उठा है। उस वक्त समितियों का गठन नहीं किया गया था। इस बोर्ड में भी समितियों का गठन न होने पर स्थानीय सांसद हरेन्द्र मलिक ने डीएम को चिट्ठी लिखते हुए नियमों की जानकारी देते हुए इन समितियों का गठन जनहित में कराने की मांग की। सांसद के पत्र पर शुरू हलचल के बीच डीएम के आदेश के बाद एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह ने पालिका ईओ को सातों समितियों का गठन कराने के निर्देश जारी किए हैं।
मुजफ्फरनगर के सांसद हरेन्द्र मलिक ने 19 नवम्बर को डीएम उमेश मिश्र को एक पत्र लिखते हुए कहा कि पालिका अधिनियम 1916 की धारा 104 से 109 तक स्पष्ट उल्लेख है कि पालिका में 7 समितियों के रूप में वित्त, स्वास्थ्य, हाउस टैक्स, स्ट्रीट लाइट, निर्माण, कन्या विद्यालय और वाटर टैक्स का गठन किया जाता है। मौजूदा बोर्ड के करीब डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में भी इन समितियों का गठन नहीं किया है। पालिका में जीरो टोलरेंस नीति के तहत कार्यों में पारदर्शिता लाने और जनहित में इन समितियों का गठन कराने की मांग सांसद ने की। डीएम के आदेश पर एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह ने अब पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने सांसद हरेन्द्र मलिक के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि समिति के गठन के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही करते हुए एक सप्ताह के भीतर आख्या उपलब्ध करायें और इसमें यह भी बताया जाये कि अभी तक इन समितियों का गठन क्यों नहीं किया गया है।






