मुजफ्फरनगर। सोमवार को नगरीय क्षेत्र में सहायक श्रमायुक्त के निर्देशन में बाल कल्याण समिति व मानव तस्करी विरोधी इकाई स्वयंसेवी संगठन एवं श्रम विभाग की ओर से एक छापामार चैकिंग अभियान चलाया गया। टीम द्वारा नगर के आर्य समाज रोड, भगत सिंह रोड एवं मीनाक्षी चौक आदि क्षेत्रों में बालश्रम मुक्त अभियान चलाया। अभियान से क्षेत्र में हड़कंप सा मच गया। टीम द्वारा इस बीच विभिन्न स्थानों से 7 बाल श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया।
सोमवार को शासन की ओर से जारी निर्देशों के बीच श्रम परिवर्तन अधिकारी शालू राणा एवं अध्यक्ष बाल कल्याण समिति रीना पंवार द्वारा आर्य समाज रोड एवं भगत सिंह रोड पर कुल सात बाल श्रमिकों को इस बीच बड़ी संख्या में चिन्हित करते हुए, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रीना पंवार ने बताया कोई भी सेवायोजक यदि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे से बाल श्रम का काम कराता है, तो उसे बाल श्रम अधिनियम 1986 संशोधन 2016 के तहत 20,000 रुपए का जुर्माना या 2 वर्ष कैद का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि बच्चों का सर्वप्रथम शिक्षा पर है। ऐसे में सामाजिक व्यक्तियों, शैक्षिक संगठनों और दुकानदारों से अनुरोध है कि कोई भी बच्चा यदि किसी भी दुकान पर 18 वर्ष से कम आयु का बालश्रम करता दिखाई पड़ता है तो उसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना दें।
इन्होंने कहा-
सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने कहा कि अभियान 21 नवंबर तक निरंतर चलता रहेगा। हर बच्चे का अधिकार शिक्षा का अधिकार है। इसके लिए सर्वप्रथम बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। छापामार अभियान में थाना ए एच टी से कांस्टेबल अमरजीत एवं कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार, निरीक्षक कमलेश एक्सेस टू जस्टिस प्रोजेक्ट ग्रामीण समाज विकास केंद्र गौरव मालिक आदि मौजूद रहे।






