मुजफ्फरनगर। पालिका में नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद अभी खाली चल रहा है। डॉ. अतुल की पत्नी की शिकायत के बाद उन्हें यहां से हटाये जाने के उपरांत हालांकि सीएमओ द्वारा नए अधिकारी को पालिका में भेज दिया था, लेकिन उनके द्वारा अपनी आमद दर्ज कराने के बावजूद भी कामकाज शुरू नहीं किया गया और अब उन्होंने पालिका में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में कार्य करने से इंकार कर दिया है। इसका कारण उन्होंने स्वास्थ्य का ठीक नहीं होना बताया है। ऐसे में अब पालिका में एक बार फिर से नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर डॉ. अतुल की फिर वापसी की प्रबल संभावना बन गई हैं।
नगरपालिका में नगर स्वास्थ्य अधिकारी का दायित्व सीधे तौर पर जनता से जुड़ा है। शहरी क्षेत्र में सफाई कार्य कराने का दायित्व होने से उनका पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता रहा है, लेकिन जितना यह पद जनहित में महत्वपूर्ण है, उतना ही विवादों में भी घिरा है। इस बार नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद को लेकर जारी खींचतान ने नए विवादों को जन्म दिया है।
बता दें 26 सितम्बर रात्रि को पालिका नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार की पत्नी ने बेटे की तबियत खराब होने के बाद भी पालिका से उनके पति को अवकाश नहीं मिलने पर डीएम को फोन करते हुए शिकायत कर बेटे के उपचार को उनके पति को पालिका से अवकाश दिलाने के लिए आग्रह किया था। इसके बाद में डीएम के आदेश पर 27 सितम्बर से ही पालिका चेयरपर्सन ने एनएसए डॉ. अतुल कुमार को अवकाश पर भेजने के निर्देश देते हुए मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश कुमार गोलियान को एनएसए का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा था। इसके बाद डॉ. अतुल ने पालिका में अवकाश से वापस लौटने की तैयारी की थी, लेकिन सीएमओ ने उनका तबादला करते हुए मूल पद चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य केन्द्र बघरा करने के साथ18 अक्टूबर को एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिये। एसीएमओ ने 21 अक्टूबर को योगदान आख्या चेयरपर्सन के सम्मुख प्रस्तुत कर दी थी और पालिका में बैठने लगे थे, लेकिन इसके बाद भी पालिका में सफाई और विभागीय कार्य पटरी पर नहीं बैठ पा रहा है। अब खबर है कि एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार पालिका में एनएसए के रूप में कार्य करने को तैयार नहीं है। उन्होंने इस जिम्मेदारी को ही उठाने से साफ इंकार कर दिया। बताया गया कि इसके लिए उन्होंने सीएमओ को पत्र लिखकर नगर पालिका में दिए दायित्व से मुक्त करने का भी आग्रह किया है।
इन्होंने कहा-
एसीएमओ डॉ. अशोक का कहना है कि पालिका में एनएसए का कार्य फील्ड वर्क और सीधे तौर पर जनता से जुड़ाव का है। सफाई कार्य के लिए 24 घंटे का दायित्व है, जबकि वो इतनी भागदौड़ नहीं कर सकते हैं। इसका कारण उनके घुटनों में दर्द की समस्या है और वो दिल की बीमारी से भी पीड़ित हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सम्बंधी समस्या होने के कारण वो पालिका में एनएसए के पद के दायित्व का निर्वहन नहीं कर सकते हैं।






