मुजफ्फरनगर। चेयरपर्सन के तमाम प्रयासों के बावजूद पालिका में टैंडरों को लेकर पूल कराने की साजिश बड़े पैमाने पर जारी है, जिसमें हिस्से के खेल को लेकर बीते दिवस बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया। ऐसे में असंतुष्ट हुए कुछ सभासद और ठेकेदार अपनी नाराजगी दर्ज कराने के साथ बैठक ही छोड़कर चले गए। एटूजेड कालोनी के एक मकान में संपन्न हुई बैठक में टेंडरों में पूल कराने को लेकर हुई इस बैठक में राज्य वित्त की करोडों रुपए की धनराशि से होने वाले इन 204 कार्यों के टेंडरों में बंदरबांट का खेला होने की नगर में चर्चा है। चर्चा है कि इस बैठक में मौजूद ठेकेदारों को कार्य निर्धारित करते हुए सट्टे की पर्ची बांटी गई। अब सोमवार यानि 14 अक्टूबर को होने वाले इन टेंडरों में समय फिर से बढ़ाने के लिए खेला होने की संभावना है।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप की ओर से नगरीय क्षेत्र में विकास कार्यो को पंख लगाने की दिशा में लगातार प्रयास कराए जा रहे है, लेकिन नगर की गति को उनके अपने कुछ सभासद और ठेकेदारों ने विकास कार्यों के टेंडरों में खेला किए जाने की योजना है। बीते दिवस एटूजेड कालोनी में स्थित एक मकान में टेंडरों के पूल को लेकर हुई गोपनीय बैठक में इस योजना को अमलीजामा पहचाए जाने की चर्चा है। बीति रात्रि में हुई बैठक में एक दर्जन सभासदों संग 40 ठेकेदारों की मौजूदगी नई साजिश के संकेत हैं। पालिका द्वारा नगरीय क्षेत्र में राज्य वित्त आयोग के करोडों की धनराशि से 204 कार्य होने है। इन कायों में मिल बैठकर खेला करने के साथ पूल कराने को हुई बैठक में कुछ सभासदों और ठेकेदारों ने विरोध करने के साथ बहिष्कार तक कर दिया। सूत्रों के अनुसार इस विरोध के बीच में बैठक से गए जिम्मेदारों के बाद बैठक में मौजूद ठेकेदारों को कार्य निर्धारित करते हुए पर्ची बांटी गई है। उक्त पर्ची एक राइटिंग में लिखी है। सोमवार यानि 14 अक्टूबर को पालिका में कुछ टेंडर होने है, अब इसमें समय बढ़ाने को लेकर खेला होने की चर्चा है, जिसके लिए अफसर की तलाश है। ऐसे में जब पालिका ईओ प्रज्ञा सिंह मेडिकल अवकाश पर गई है, ऐसे में इन लोगों की मंशा पालिका के किसी अन्य अफसर को ईओ का कार्यवाहक चार्ज देकर टैंडरों में समय वृद्धि के प्रयास होने हैं। सूत्रों का कहना है कि टेंडर के इस खेल में एक अफसर के इंकार कर दिए जाने के बाद अब इसके लिए दूसरे अफसर को तैयार किए जाने की तैयारी है, ताकि टेंडरों में आसानी से खेला किया जा सकें।

फोटो जर्नलिस्ट ‘भूषण भास्कर’ को नारद सम्मान, अटल सभागार में हुआ भव्य समारोह
मुजफ्फरनगर/मेरठ (रिपोर्टर)। डिजिटल मीडिया के इस दौर में नैरेटिव सेट करना चलन बना हुआ है। आज युद्ध में भी नैरेटिव के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। कई मामलों में तो गलत नैरेटिव युद्ध से भी खतरनाक हो जाता है। यह बात विश्व संवाद केन्द्र, मेरठ द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में






