मुजफ्फरनगर। प्रदेश में राजस्व वसूली लक्ष्य से भटकने के कारण शासन स्तर से की गई कार्रवाई की जद में एआरटीओ प्रवर्तन के वेतन पर भी रोक लग गई है। दो माह के लक्ष्य में कम वसूली होने के दोषी मानते हुए परिवहन आयुक्त ने लापरवाही मानते हुए कड़ी नाराजगी के साथ उनके वेतन आहरण पर रोक लगा दी है, जिससे विभाग में हड़कंप मचा है।
एआरटीओ विभाग में राजस्व वसूली को लक्ष्य दिए जाने का प्रावधान है। इसे लेकर जारी किए दिशा निर्देशों के बीच बीते दिनों जुलाई और अगस्त माह में दिए लक्ष्य के प्रति हुई राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। इसमें जनपद मुजफ्फरनगर में लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कम पाए जाने पर परिवहन आयुक्त चन्द्रभूषण सिंह ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एआरटीओ का वेतन रोक दिया। एक जुलाई से 31 अगस्त तक जनपद में 132 लाख प्रशमन शुल्क के सापेक्ष मात्र 121 लाख रुपए वसूले गए, जिस कारण परिवहन आयुक्त सीपी सिंह ने एआरटीओ प्रवर्तन के सितम्बर माह के वेतन पर रोक लगा दी गई है। एआरटीजो प्रवर्तन को प्रतिमाह 36 लाख रुपए और पीटीजो को 30 लाख रुपए की वसूली करनी होती है। जुलाई व अगस्त माह में प्रशमन शुल्क की वसूली काफी खराब रही। दोनों माह में 132 लाख रुपए के सापेक्ष 121 लाख रुपए वसूले गए है। पीटीओ ने जुलाई माह में 30 लाख के सापेक्ष मात्र 23.78 लाख और अगस्त माह में 30 लाख के सापेक्ष 31.09 लाख रुपए की वसूली की। वहीं एआरटीओ प्रवर्तन ने जुलाई माह में 36 लाख के सापेक्ष 34.39 लाख व अगस्त माह में 36 लाख रुपए के सापेक्ष 32.64 लाख रुपए की वसूली की है। परिवहन आयुक्त की इस कार्रवाई से प्रदेश के अन्य जनपदों के साथ जनपद में भी हलचल तेज हो गई है।







