मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। केंद्र सरकार ने दलहन और तिलहन किसानों को बड़ी राहत देते हुए यह ऐतिहासिक फैसला लिया है कि मंडियों में फसल के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे जाते ही सरकारी एजेंसियां सीधे खरीद शुरू कर देंगी। यह एक किसान हित का बड़ा व सराहनीय कदम है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके तहत मूल्य समर्थन योजना (PSS) के जरिए ₹5,547.99 करोड़ की खरीद को मंजूरी दी है। इसके तहत शुरुआती चरण में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में लगभग 7.11 लाख टन दलहन और तिलहन की खरीद की जाएगी।
देश में पहले सरकारी खरीद शुरू करने के लिए राज्य सरकार के अनुरोध की आवश्यकता होती थी। अब इस नियम को बदलते हुए केंद्र सरकार ने नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) जैसी नोडल एजेंसियों को यह अधिकार दे दिया है कि वे मंडियों में दाम गिरते ही बिना किसी राज्य के प्रस्ताव का इंतजार किए तुरंत दखल दें और खरीद शुरू करें। इस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से किसानों की उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में समय पर ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे बिचौलियों का हस्तक्षेप पूरी तरह खत्म होगा।
पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने मंडियों में दलहन और तिलहन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बिक्री को रोकने हेतु ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ (MIS) व ‘मूल्य समर्थन योजना’ (PSS) के नियमों में सुधार करने के सम्बन्ध में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष इस विषय को रखा था। हम उम्मीद करते है कि केंद्र सरकार इस योजना को प्रभावी रूप से व देश के सभी जनपदों में लागू करेगी,जिससे किसानों को अब अपनी उपज एमएसपी से कम दाम पर मजबूरी में नहीं बेचनी पड़ेगी।

छात्रों ने जाना नये औद्योगिक परिवर्तनों के बारे में अतिथि व्याख्यान का आयोजन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के बीटेक सिविल इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. अमित कुमार सिंघल द्वारा (“From Blue Print to Balance Sheet: Transforming Engineering and Architecture into Leadership Career”) विषय पर छात्रों को व्याख्यान दिया गया। व्याख्यान के






