मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। गैर परों से उड़ सकते हैं हद से हद दीवारों तक, अम्बर तक तो वही उड़ेगा जिसके अपने पर होंगे अर्थात दूसरों के सहारे मिली मदद या ताकत से इंसान केवल थोड़ी दूर तक ही सफल हो सकता है। वाली बड़ी पुरानी कहावत मुजफ्फरनगर में उस वक्त सटीक साबित हो गई, जब शहर के दो होनहार बच्चों ने अपने परिवार से दूर छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने के साथ बचे समय का सदुपयोग करते हुए एक सार्थक पहल के बूते यह साबित कर दिया कि सच्ची शिक्षा वही है, जो समाज के काम आए। इन्होंने सिर्फ एक प्रोजेक्ट ही नहीं बनाया, अपितु एक मिशन की शुरूआत की, जिसकी तारीफ होनी ही चाहिए। वर्तमान परिवेश में जहां एक ओर आज जब अधिकांश युवा केवल अपने भविष्य और करियर पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ऐसे समय में मुजफ्फरनगर के दो होनहार छात्र-छात्रा कृत्वी बिंदल्स एवं सौरिष बिंदल्स, जो पाथवेज वर्ल्ड स्कूल के विद्यार्थी हैं, ने अपने गृह नगर और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए एक प्रेरणादायक पहल की है।
दोनों विद्यार्थियों ने गौशील्ड नाम से एक प्राकृतिक, रसायन-मुक्त एवं कम लागत वाला मच्छर प्रतिरोधक धूप विकसित किया है। यह उत्पाद गाय के गोबर एवं अन्य प्राकृतिक औषधीय तत्वों से तैयार किया गया है, जो मच्छरों को दूर रखने में प्रभावी होने के साथ-साथ पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित है। इस नवाचार का उद्देश्य केवल एक उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि उन गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक सस्ता और सुरक्षित समाधान पहुँचाना है, जो महंगे मच्छर प्रतिरोधक उत्पाद खरीदने में सक्षम नहीं हैं। यह पहल डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज को एक सुलभ विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कृत्वी और सौरिष का मानना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज से जुड़ी हुई ज्वलंत समस्याओं का त्वरित और सस्ता समाधान खोजकर सभी लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। उन्होंने यह सिद्ध किया है कि यदि युवा अपनी सोच को समाजहित से जोड़ दें, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।
इन दोनों विद्यार्थियों की यह पहल नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुजफ्फरनगर शहर को अपने इन होनहार बच्चों पर गर्व है, जिन्होंने छात्र जीवन में ही समाज सेवा का ऐसा प्रेरणादायक कार्य किया है। हम कृत्वी बिंदल्स एवं सौरिष बिंदल्स के इस सराहनीय प्रयास की हृदय से प्रशंसा करते हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। हमें विश्वास है कि उनका यह प्रयास आने वाले समय में अनेक युवाओं को समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा देगा। छोटे शहर से निकली बड़ी सोच, बड़े बदलाव की ओर एक मजबूत कदम।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






