मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा में जहां लाखों शिवभक्त अपनी-अपनी मनोकामनाओं के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं, वहीं इस बार आस्था के साथ प्रेम का भी एक अनोखा रंग देखने को मिला। मुजफ्फरनगर के कांवड़ मार्ग पर एक प्रेमी युगल 111 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर पैदल यात्रा करता नजर आया। दोनों की एक ही प्रार्थना है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से उनके परिवारजन उनकी शादी के लिए राजी हो जाएं।
हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे खुर्जा निवासी मयंक और बुलंदशहर निवासी दीपिका राजपूत पिछले कई दिनों से पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनकी अनोखी कांवड़ और श्रद्धा ने राहगीरों व अन्य कांवड़ियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। जहां-जहां यह प्रेमी युगल पहुंचा, लोग रुककर उनकी कांवड़ देखते रहे और उनके हौसले की सराहना करते नजर आए।
मयंक ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले एक शादी समारोह में दोनों की मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे यह मुलाकात दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। दोनों शादी करना चाहते हैं, लेकिन परिवार के सभी सदस्य अभी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना करने का संकल्प लिया और 111 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर यात्रा शुरू की। उसका कहना है कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि भोलेनाथ की कृपा से दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार कर लें। वहीं दीपिका ने बताया कि वे 28 जुलाई से हरिद्वार से गंगाजल लेकर यात्रा पर हैं और प्रतिदिन लगभग 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनके साथ कुछ मित्र और परिवार के छोटे सदस्य भी यात्रा में शामिल हैं। दीपिका ने कहा कि उनकी एकमात्र मनोकामना है कि भगवान शिव का आशीर्वाद मिले और उनकी शादी बिना किसी बाधा के संपन्न हो। उनका विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में हर वर्ष आस्था के अलग-अलग स्वरूप देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार 111 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर निकले इस प्रेमी युगल ने भक्ति और प्रेम का ऐसा अनूठा संगम प्रस्तुत किया है, जिसकी चर्चा पूरे कांवड़ मार्ग पर हो रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या भोलेनाथ की कृपा से इनकी यह मनोकामना पूरी होगी और दोनों परिवार इस रिश्ते को अपनी स्वीकृति देंगे।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






