मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान को अपने ग्राम रसूलपुर जाटान में आर्य समाज के प्रोग्राम में जाने व वहां पर आर्य समाज की प्रचारक संगीता आर्य के प्रवचन को सुनने का अवसर मिला। संगीता आर्य, आर्य समाज की एक प्रचारक हैं, जो मुख्य रूप से स्वामी श्रद्धानंद के जीवन और बलिदान गाथाओं (जैसे स्वामी श्रद्धानंद जी की बलिदान गाथा) के माध्यम से वैदिक संस्कृति और आर्य समाज के सिद्धांतों का प्रसार करती हैं। वे स्वामी श्रद्धानंद के शिक्षा, समाज सुधार और राष्ट्रभक्ति के योगदान को जन-जन तक पहुँचाने में सक्रिय हैं। संगीता आर्य ने चरित्र निर्माण पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे बचपन से ही सिखाया जाना चाहिए। स्वामी श्रद्धानंद ने 20वीं सदी के प्रारंभ में “घर वापसीआंदोलन” चलाया था, जिसका उद्देश्य मुस्लिम समाज के उन लोगो को पुनः हिन्दू समाज में सम्मिलित करना था, जिन्होंने अतीत में इस्लामी शासन के कालखंड में इस्लाम धर्म स्वीकार किया था। 20वीं सदी की शुरुआत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मलकाना राजपूतों व मुस्लिम जाटों की स्थिति अनोखी थी। वे मुस्लिम होने के बावजूद हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करते थे। स्वामी जी ने उन्हें यह अहसास कराया कि उनकी जड़ें हिंदू धर्म में हैं।ग्राम रसूलपुर जाटान (मुजफ्फरनगर) में आयोजित आर्य समाज का कार्यक्रम इतना सफल और प्रेरणादायक रहा। इस तरह के कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति के सिद्धांतों को समझने का अवसर मिलता है।

e-paper 16/06/2026 Muzaffarnagar
Author: Friends Reporter Team Post Views: 23






