लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। यूपी कैडर 2022 बैच के आईएएस अफसर रिंकू सिंह राही ने नौकरी से मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। रिंकू सिंह बीते दिनों उस समय चर्चा में आए थे, जब शाहजहांपुर में एसडीएम रहते हुए वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाई थी। इस घटना के बाद से रिंकू सिंह को जुलाई 2025 से राजस्व परिषद में अटैच कर दिया गया था।
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 20 मई 1982 को रिंकू सिंह राही का जन्म हुआ। रिंकू के पिता एक छोटी सी आटा चक्की चलाते थे। घर की हालत बहुत साधारण थी। प्राथमिक पढ़ाई सरकारी स्कूल से की। रिंकू सिंह ने 12वीं अच्छे नंबर से पास की थी, जिसके चलते उन्हें स्कॉलरशिप मिली थी। टाटा इंस्टीट्यूट से बीटेक किया। रिंकू सिंह राही दलित समुदाय से आते हैं। 2004 में रिंकू सिंह राही ने यूपीपीसीएस की परीक्षा पास की। इसके बाद 2008 में उन्हें जिला समाज कल्याण अधिकारी बनाया गया। नौकरी के साथ वह यूपीएससी की तैयारी करते रहे। 2021 में यूपीएससी परीक्षा पास की। रिंकू की 683वीं रैंक आई थी। 2022 बैंच के रिंकू सिंह अफसर बने। दिव्यांग कोटे से इस मुकाम तक पहुंचे।
बता दें, वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर जिले में समाज कल्याण अधिकारी रहने के दौरान उन्होंने 100 करोड़ रुपये के स्कॉलरशिप घोटाले का भंडाफोड़ किया। फर्जी खातों में चेक जमा करके पैसा निकाला जा रहा था। नगर के आर्य समाज रोड स्थित पुराने प्लैनिंग ऑफिस मैदान में एक दिन सुबह बैडमिंटन खेलते समय दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस हमले में उनको सात गोलियां लगीं। चेहरा बिगड़ गया, कान खराब हो गया और एक आंख की रोशनी चली गई थी। मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज में एक महीने तक उनका इलाज चला था। कई सर्जरी के बाद वह जिंदा बच गए थे। इस हमले में चार आरोपियों को 10-10 साल की सजा हुई थी, लेकिन बाकी बच गए थे।

जनपद में 1200 वोटों के आधार पर होगा मतदान बूथों का पुनर्गठन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने बुधवार को जिला पंचायत सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों और सचिवों के साथ बैठक कर एसआईआर के बाद विधानसभा चुनावों के मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदेय






