मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में आईजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री संदर्भ एवं लम्बित शिकायतों-निस्तारण एवं सीएम डैशबोर्ड से संबंधित बैठक जिला पंचायत सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर संदर्भों की विभागवार समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को अपना प्रतिनिधि भेजने के बजाए स्वयं मौजूद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बीएसए को स्कूल बंद होने के विषय में सही जानकारी न देने पर विभागीय कार्रवाई करने और गन्नाधिकारी को आईजीआरएस एवं सीएम डैशबोर्ड की प्रगति की जानकारी न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी।

समीक्षा बैठक में एडीएम वित्त गजेन्द्र कुमार को निर्देश दिए कि जिन विभागों की प्रगति कम है ऐसे विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टियां जारी की जाए। वहीं जिन विभागों द्वारा आईजीआरएस के संदर्भ में अभी तक निस्तारण संतोषजनक न पाए जाने और बैठक में अनुपस्थित होने वाले अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस व सीएम डैशबोर्ड की प्रगति के निस्तारण में जिनकी फीडबैक खराब है, उनका वेतन रोकने के लिए जरुरी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में मंडी सचिव खतौली की लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कम होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि तथा सचिव मंडी मुजफ्फरनगर के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। डीएम उमेश मिश्रा ने एडीएम वित्त को निर्देश दिए कि जिन विभागों के प्रगति खराब है ऐसे अफसरों के साथ 25 फरवरी की सुबह प्रात: 10 बजे कार्यालय में बैठक कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर प्राप्त संदर्भों को निर्धारित समय सीमा में निस्तारित कर दें, ताकि कोई भी संदर्भ डिफाल्टर की श्रेणी में न जाए। संदर्भों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाए। कोई भी संदर्भ सी श्रेणी एवं असंतुष्ट फीडबैक संदर्भ का निस्तारण करने से पूर्व शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता करने के उपरान्त आख्या अपलोड कराये जाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम डैशबोर्ड की प्रगति रिपोर्ट में खराब श्रेणी प्रदर्शित करने वाले इंडिकेटर में रहने वाले अधिकारी निस्तारण में सुधार लाएं। वहीं कर करेत्तर की समीक्षा के दौरान आबकारी, व्यापार कर, स्टाम्प शुल्क, विद्युत देय वसूली, नगर निकायों में राजस्व संग्रह स्थिति, खनन, मण्डी समिति, बांट माप, सिंचाई, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग सहित अन्य राजस्व संग्रह से जुड़े विभागों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व देय वसूली की विस्तृत समीक्षा की गयी। लक्षित राजस्व देयों की वसूली में सुधार लाते हुये समय अंतर्गत शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।






