मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मुजफ्फरनगर के वहलना क्षेत्र में मिलावटी व नकली खाद्य तेल के बड़े कारोबार की पोल खुली है। उक्त तेल में प्रतिबंधित आरजीमोन, कलर व अरंडी तेल मिलाने की पुष्टि हुई है। टैंकरों में भरा कई हजार लीटर सरसों और राइस का तेल व रिफाइंड, 7 के करीब ब्रांड के रेपर छापे में मिले। सहारनपुर से आई खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारकर हजारों लीटर मिलावटी तेल व रिफाइंड बरामद किया है। एफएसडब्लू की प्राथमिक जांच में प्रतिबंधित आरजीमोन, कलर और अरंडी के तेल मिलाने की पुष्टि हुई है।
शुक्रवार को जनपद में खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीम ने वहलना में काव्या ट्रेडिंग कम्पनी के गोदाम व उत्पादन इकाई पर छापेमारी की। करीब 7 घंटे तक चली कार्रवाई में अधिकारियों को यहां बड़ी मात्रा में खाद्य तेल का भंडार मिला, जिसमें कई नामी कंपनियों के ब्रांड के नाम पर तैयार किया जा रहा तेल और रिफाइंड तेल भरा पाया गया। उक्त जांच में सामने आया कि यहां 7 अलग ब्रांड नाम से खाद्य तेल पैकेजिंग की जा रही थी। प्रथम दृष्टया यह तेल मिलावटी होने की आशंका जताई है। टीम ने मौके से विभिन्न टैंकों और पैकेटों से नमूने लेकर परीक्षण को अधिकृत प्रयोगशाला भेजे हैं।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त वीके राठी के नेतृत्व में गठित टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल चौधरी, अनंत कुमार, अश्वनी, व पूनम शर्मा ने कार्रवाई में पाया कि कई बड़े ब्रांडों के नाम का दुरुपयोग कर बाजार में नकली माल उतारने की तैयारी थी। इस प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि परिष्कृत तेल में अन्य सस्ते तेलों की मिलावट कर उसे नामी ब्रांड का रूप दिया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यदि प्रयोगशाला परीक्षण में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य तेल के बड़े कारोबारी विक्रांत मित्तल को मौके से हिरासत में ले लिया गया। उन पर मिलावटी खाद्य तेल तैयार करने और बड़ी कंपनियों के नाम पर यह नकली उत्पाद बाजार में उतारने के गंभीर आरोप है। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर मौके पर हल्का विरोध भी हुआ, लेकिन टीम के साथ में भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहने के कारण यह विरोध ज्यादा नहीं हो पाया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। छापेमारी के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि जांच के दौरान बड़े पैमाने पर सरसों के तेल और रिफाइंड में मिलावट किए जाने की पुष्टि हुई है। यहां से 8 नमूने लेने के साथ हजारों लीटर तेल, रिफाइंड जब्त किया गया है। यह तेल टैंकरों में भरा हुआ था। यही नहीं प्राथमिक जांच में प्रतिबंधित आरजी मोन, कलर और अरंडी के तेल मिलाने की हुई पुष्टि हुई है। बाकी रिपोर्ट नमूनों की जांच में आ जाएगी। यह जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसमें संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
उधर, काव्य ट्रेडिंग कंपनी के संचालक विक्रांत मित्तल ने मिलावटखोरी के आरोपों से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि उनके यहां किसी तरह से तेल अथवा रिफाइंड का उत्पादन नहीं होता है। वो तो तेल और रिफाइंड मंगाकर उसे अपने ब्रांड में पैक कराकर बेचते है।






