मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना की क्षमता वृद्धि में धनराशि अवमुक्त किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए वेस्ट यूपी में एम्स, मेरठ मेडिकल कॉलेज को पीजीआई घोषित किए जाने, जिला स्तर पर मुकदमों की फाइलिंग केंद्र, प्रदूषण जैसे विषयों के समाधान की मांग की। भाकियू के राष्टÑीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते हुए मुजफ्फरनगर के मोरना क्षेत्र में स्थित दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लि. मोरना के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार के लिए प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय के लिए भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक व क्षेत्र के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का हृदय से आभार किया।
इसके साथ धर्मेन्द्र मलिक ने मुख्यमंत्री से जनपद मुजफ्फरनगर में औद्योगिक इकाइयों द्वारा आरडीएफ के नाम पर नगर पालिका ठोस अपशिष्ट/लीगेसी वेस्ट के जलाए जाने से उत्पन्न गंभीर वायु प्रदूषण के कारण जन स्वास्थ्य की आपात स्थिति एवं संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन में तत्काल दंडात्मक-बाध्यकारी कार्यवाही करने, मेरठ मेडिकल कॉलेज को पीजीआई/स्वशासी घोषित किए जाने, प्रदेश के सभी जनपदों में हाईकोर्ट मुकदमों की ई-फाइलिंग सुविधा सुचारू रूप से लागू करने, रियल टाइम खतौनी बनाते समय अंश निर्धारण, नाम में त्रुटि ठीक कराने, राजस्व संहिता की धारा-24 के दुरूपयोग,चकबंदी में तकनीकी का उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। भाकियू राष्टÑीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि इन सभी मुद्दों पर मुख्यमंत्री जी द्वारा समाधान हेतु आश्वस्त किया गया।






