मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संस्थापक पिता ब्रह्मा बाबा के अव्यक्त दिवस के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केशवपुरी की ओर से बामनहेड़ी स्थित दिव्य अनुभूति भवन में स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केशवपुरी सेवा केंद्र की इंचार्ज राजयोगिनी बीके जयंती दीदी ने ब्रह्मा बाबा के दिव्य व प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा बाबा का जन्म वर्ष 1876 में हैदराबाद सिंध में हुआ। वे एक सफल व्यवसायी और आदर्श गृहस्थ थे, परंतु ईश्वरीय आह्वान के पश्चात उन्होंने सांसारिक सुख-सुविधाओं, वैभव और प्रतिष्ठा का त्याग करते हुए अपना संपूर्ण जीवन आत्मिक जागरण व विश्व कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कि ब्रह्मा बाबा ने राजयोग के माध्यम से आत्मा व परमात्मा के शाश्वत संबंध की सरल एवं व्यावहारिक शिक्षा प्रदान की। उनके द्वारा दी शिक्षाएं आज विश्व के 140 से अधिक देशों में लाखों लोगों के जीवन में शांति, पवित्रता व सकारात्मक परिवर्तन का आधार हैं। उनका अव्यक्त जीवन मौन शक्ति, सहनशीलता, नि:स्वार्थ सेवा, ईश्वरीय अनुशासन का अनुपम उदाहरण है।
कार्यक्रम के दौरान वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से ब्रह्मकुमारीज की वरिष्ठ दादी निर्मल शांता तथा प्रकाशमणि के प्रेरक अनुभवों को सभी ने ध्यान से सुना। कार्यक्रम में आए हुए सभी ब्रह्मवत्सों को अपने जीवन में धारण करने के लिए वरदान लिखे बैज दिए गए। कार्यक्रम के दौरान राजयोग ध्यान का विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने गहन शांति और दिव्य अनुभूति का अनुभव किया। सभी ने ब्रह्मा बाबा द्वारा बताए श्रेष्ठ संस्कारों, पवित्रता, सरलता, सहनशीलता व सेवा को अपने जीवन में आत्म सात करने का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के वातावरण में गहरी शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया। इस दौरान बीके सरला, रिया, विधि, शीतल, शालिनी, राधिका, सविता, गीता, अंजू, नवनीत, नरेश, कपिल, विजय, राजपाल सिंह, कृष्णपाल, डॉ. शैलेश, सुशील, सतीश वर्मा व मीडिया प्रभारी केतन कर्णवाल बड़ी संख्या में भाई-बहिनें मौजूद रही।






