मुजफ्फरनगर। श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति पटेलनगर की ओर से आयोजित 50वें श्री रामलीला मंचन में इस वर्ष विजयदशमी पर एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहां नगर की प्रथम महिला चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने रावण दहन के आयोजन में न सिर्फ भागीदारी की, अपितु श्रीराम का पात्र निभा रहे कलाकार संग मिलकर रावण के पुतले का दहन कर असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक प्रस्तुत करते हुए यहां महिला सशक्तिकरण का विजय प्रदर्शन भी किया।
पटेलनगर श्री रामलीला मंचन महोत्सव समिति आयोजकों द्वारा कार्यक्रम को खास बनाने के लिए महिलाओं के हाथों रावण दहन कराकर मातृत्व का शक्ति प्रदर्शन कराने का काम किया। पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने वार्ड 33 की सभासद सीमा जैन, अपनी पुत्रवधू आकांक्षा कार्तिक स्वरूप और पौत्री गौरवी स्वरूप के साथ मिलकर रावण के पुतले का दहन किया। इस बीच वहां जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से महिला नेतृत्व को समर्थन दिया। मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन और कार्यक्रम संयोजक विकल्प जैन ने कहा कि इस साल पटेलनगर रामलीला अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही है, इसे यादगार बनाने के साथ ही समाज को महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए महिला शक्ति से रावण दहन कराया गया। उन्होंने बताया कि रावण दहन लीला प्राचीन भारतीय संस्कृति में अधर्म, अहंकार और अत्याचार के अंत का प्रतीक मानी जाती है, वहीं इस बार आयोजन ने इसे आधुनिक संदर्भ में महिला सशक्तिकरण के स्वरूप में ढाल दिया। पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप का इस आयोजन में आगे आकर नेतृत्व करना समाज में महिलाओं की भूमिका के विस्तार और उन्हें मिले सशक्त मंच का प्रमाण रहा है।
संयोजक विकल्प जैन ने कहा कि यूपी सरकार और पुलिस द्वारा चलाया जा रहा मिशन शक्ति 5.0 अभियान, महिला व बालिकाओं की सुरक्षा के साथ सम्मान व आत्मनिर्भरता को समर्पित है। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस और प्रशासन द्वारा महिला हेल्प डेस्क, साइबर सुरक्षा जागरूकता, स्व: रोजगार प्रशिक्षण और कानूनी सहायता जैसी कई योजनाओं को धरातल पर उतारा है, जो सरकार का सराहनीय निर्णय है।
रावण दहन से पूर्व पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि आज हम न सिर्फ रावण के पुतले को जला रहे हैं, अपितु हर उस सोच को जलाते हैं जो महिलाओं को कमजोर मानती है। नारी शक्ति सिर्फ सीता या दुर्गा के रूप में नहीं, बल्कि हर घर, हर क्षेत्र में निर्णय लेने वाली, नेतृत्व करने वाली शक्ति के रूप में स्थापित हो रही है। मिशन शक्ति इसका ही प्रमाण है। हमें बेटियों को केवल बचाना नहीं, उन्हें बढ़ाना है, आगे लाना है व हर मंच पर उन्हें समान अवसर देना भी है। उन्होंने सभी माताओं, बहनों व बेटियों से आग्रह किया कि वे आत्मविश्वास के साथ ही आगे आएं, शिक्षित बनें और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें। श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति का यह आयोजन सांस्कृतिक समर्पण, महिला जागरूकता और सामाजिक सुधार की त्रिवेणी का संगम बन गया।






