मुजफ्फरनगर। जनपद के वादकारियों को सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में शनिवार को जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ प्रभारी जनपद न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रविकांत द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत में होने वाले तमाम फैसले में हार जीत का कोई प्रश्न नहीं रह जाता है, क्योंकि जब वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद निस्तारण करते हैं तो उनके मध्य आपसी सौहार्द्र बना रहता है एवं उनके अमूल्य समय की बचत होती है। उन्होंने कहा कि इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है।
कोर्ट परिसर में आयोजित इस लोक अदालत में प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने सभागार में उपस्थित बैंक अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे ऋण के मामलों में ग्राहकों को अधिकतम छूट देते हुए प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय खलीकुज्जमा ने इस दौरान पारिवारिक मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये जाने पर भी बल दिया। उक्त लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालयों द्वारा 237 मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।.
नोडल अधिकारी अपर जिला जज कनिष्क कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने का एक बहुत बड़ा माध्यम है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन है। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सीताराम ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 03,38,589 प्रकरण निस्तारित किए गए। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण आदेश नैन द्वारा कुल 142 वाद निस्तारित कर 2,35,08,600 रुपए प्रतिकर प्रदान किया गया। वहीं जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायालयों द्वारा 6606 शमनीय फौजदारी एवं 60 दीवानी वादों का निस्तारण करते हुए शमनीय फौजदारी वादों मे 17,67,000 रुपए और दीवानी वादों में कुल 17,128,342,19 रुपए का अनुतोष प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों ने 7991 राजस्व वादों का निस्तारण कर 15,320,000 रुपए राजस्व वसूली की गई। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के द्वारा 696 बैंक ऋण मामले निस्तारण कराकर लगभग 89,427,000 रुपए की धनराशि का सेटलमेंट किया गया।
इस दौरान जिला बार संघ के अध्यक्ष ठाकुर कंवरपाल सिंह, महासचिव चंद्रवीर सिंह निर्वाल, सिविल बार संघ अध्यक्ष सुनील मित्तल, महासचिव राज सिंह रावत, अपर जिला जज आशा रानी सिंह, सीताराम, कनिष्क कुमार सिंह, काशिफ शेख, दिनेश प्रताप सिंह, रीमा मल्होत्रा, दिव्या भार्गव, मंजुला भलोटिया, निशान्त सिंगला, कमलापति प्रजापति, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल, भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम राजकुमार सिंह, एजीएम सुधीर कुमार व लीड बैंक डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सुरेन्द्र सिंह समेत समस्त न्यायिक अधिकारी, बैंकों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।







