मुजफ्फरनगर। रेलवे स्टेशन के पास की स्लम बस्ती, जहां कूड़ा व गन्दगी ही रोजमर्रा का जीवन है, इससे रोजी-रोटी तलाशकर ही परिवार अपना जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन इसी स्लम बस्ती में शिक्षा का दान कर रहे एक नौजवान ने समाज को सेवा की ऐसी सीख दी, जिससे न केवल इस स्लम बस्ती के बच्चों का भविष्य सुधरा, बल्कि शिक्षा के सहारे सफलता के सपनों का पौधारोपण भी हुआ। इसी प्रयास को प्रोत्साहन देने के लिए चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने सत्यम की पाठशाला का भ्रमण करते हुए भरोसा दिया कि गरीब बस्ती के इन बच्चों का भविष्य संवारने के लिए वो जो भी संभव होगा मदद करेंगी।
विद्युत विभाग सूजडू बिजली घर पर बतौर मीटर लिपिक पद पर कार्यरत नई मंडी निवासी भारत सिंघल पुत्र स्व. रामनिवास गुप्ता एक मध्यमवर्गीय व्यक्ति हैं, लेकिन उनके हौसले और काम बहुत बड़ा है। भगवान शिव के अनन्य भक्त भारत अपने नाम की भांति भारत के दयनीय अवस्था में जीवन यापन करने को विवश बचपन को बचाकर शिक्षा के सहारे सफलता के मार्ग पर प्रशस्त कर रहे हैं। उनके द्वारा रेलवे स्टेशन मार्ग पर शनिदेव मंदिर के सामने सत्यम की पाठशाला चलाई जा रही है, वो सरकारी ड्यूटी करने के बाद शाम पांच बजे से सात बजे तक यहां आकर स्लम बस्ती के गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप सत्यम की पाठशाला पहुंची। उन्होंने भारत सिंघल से मुलाकात करते हुए बच्चों से भी वार्ता करते हुए उनके ज्ञान को परखा। बच्चों ने अपने अंदाज में विशेष स्वागत करते हुए उनका अभिनंदन किया।
भारत ने बताया कि उन्होंने करीब ढाई साल पहले एक बच्चे के साथ यह पाठशाला शुरू की और आज उनके यहां करीब 45 बच्चों का पंजीकरण है, जिनमें से 30 से 35 बच्चे प्रतिदिन उनके पास शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। उनके लिए शिक्षा के साधन संसाधन और आवश्यक सामग्री उन्होंने स्वयं अपने स्तर से जुटाई, इस पाठशाला को उन्होंने स्मार्ट क्लास का रूप देते हुए एलईडी लगवाई है। वो प्रतिमाह नौ हजार रुपये का किराया भी पाठशाला की जगह का देते हैं।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने भारत सिंघल के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए उनके इस योगदान को ईश्वरीय सेवा जैसा बताया। यहां पर उन्होंने सभी बच्चों को शिक्षण सामग्री, पैन, पेंसिल, बॉक्स, शॉर्पनर, इरेजर आदि के साथ ही खाद्य सामग्री वितरित की। मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि वास्तव में भारत सिंघल का प्रयास पूरे समाज को प्रभावित करने वाला है, यहां आकर उन्हें भी गर्व महसूस हुआ कि समाज में ऐसे भी युवा हैं, जो इस तरह से नि:स्वार्थ होकर सेवा दे सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस सत्यम की पाठशाला को संवारने के लिए जो भी मदद होगी वो करेंगी। इस दौरान मुख्य रूप से युवा भाजपा नेता विकल्प जैन, मयंक त्यागी, मोन्टू पाटिल, डीके जैन आदि भी मौजूद रहे।

चार वर्ष पूर्व हाईवे पर दुर्घटना में घायल होने के बाद से बीमार चल रहे बीएसएफ जवान का निधन, किया अंतिम संस्कार
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद के मोरना ब्लॉक के गांव गंगदासपुर निवासी बीएसएफ के जवान 38 वर्षीय मन्दीप विकल उर्फ मोनू की चार वर्ष पूर्व छपार क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर दुर्घटना में लगी गंभीर चोट के बाद से लगातार उपचाररत रहने के दौरान मृत्यु हो गई। बीएसएफ जवानों की टोली की उपस्थिति में शनिवार को पूर्ण





