मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की ओर से मुजफ्फरनगर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शासन स्तर से शुरू हुई कवायद में अपनी विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने नया पालिका मुख्यालय, डिजीटल सिक्योरिटी के लिए स्मार्ट कंट्रोल रूम, डिजीटल लाइब्रेरी, मल्टी स्टोरी पार्किंग, सोलर पार्क, चारों दिशाओं में प्रवेश के लिए सिटी गेट-वे, पालिका का अपना वाहन गैराज एवं वर्कशॉप और कम्युनिटी सेंटर सहित 16 बिन्दुओं पर 85.47 करोड़ रुपये की विशेष कार्ययोजना बनाकर शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर में इन दिनों स्मार्ट सिटी के प्लान को लेकर काम हो रहा है। इसमें शासन की योजना के तहत मुजफ्फरनगर शहर का चयन भी नगर निगमों की भांति ही स्मार्ट सिटी के लिए किया गया है। पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के नेतृत्व में स्मार्ट सिटी के लिए पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने विशेष कार्ययोजना तैयार कराई है। इसमें मुजफ्फरनगर को भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए स्वच्छ, सुन्दर और एक सपनों का शहर बनाने के लिए कई स्मार्ट वर्क प्रस्तावित किये गये हैं।
इस सम्बंध में पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्मार्ट सिटी मिशन केवल इमारतों और सड़कों का विकास नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की एक समग्र सोच है। हम इस मिशन को जन-भागीदारी से आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि हर नागरिक को स्वच्छता, सुरक्षा, और सुविधा का अनुभव हो, इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना केवल एक योजना नहीं, बल्कि हमारे शहरवासियों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
नगरपालिका परिषद् की ओर से हमने 85 करोड़ रुपये से अधिक की विशेष कार्ययोजना तैयार कर शासन को स्वीकृति हेतु भेजी है, जिसमें शहर के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए 16 प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है। हमारी इस कार्ययोजना में प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावने के लिए एक आधुनिक और नया पालिका मुख्यालय, डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट कंट्रोल रूम, ज्ञान को विकसित करने के अवसर के रूप में डिजिटल लाइब्रेरी, यातायात व्यवस्था को सगुमता प्रदान करने के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर पार्क, शहर की खास पहचान के लिए चार सिटी गेट-वे, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन के लिए पालिका का अपना वाहन गैराज एवं वर्कशॉप और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए कम्युनिटी सेंटर सहित कई प्रमुख कार्य शामिल किये गये हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि मुजफ्फरनगर को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम शहर के रूप में विकसित किया जाए। यह योजना न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में भी शहर को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाएगी।
इन 16 काम से स्मार्ट बनेगा मुजफ्फरनगर शहर
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के दिशा निर्देशन में शासन को स्मार्ट सिटी योजना में विशेष कार्य योजना भेजी गई है। इसमें 85 करोड़ 47 लाख 82 हजार रुपये की लागत से 16 प्रमुख कार्यों को प्रस्तावित किया गया है। 20 करोड़ की लागत से कूकड़ा में पालिका की भूमि पर पालिका मुख्यालय भवन निर्माण, 20 करोड़ रुपये से स्मार्ट कंट्रोल रूम, 10.11 करोड़ की लागत से टाउनहाल मैदान पर मल्टी स्टोरी स्मार्ट पार्किंग व बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण, 06 करोड़ की लागत से कांवड़ यात्रा सुविधा के दृष्टिगत मदीना चौक से रुड़की चुंगी तक चक्कर वाली सड़क पर नाली व सीसी निर्माण कार्य, लगभग 12 करोड़ की लागत से वहलना चौक, भोपा रोड, जानसठ रोड और रामपुर तिराहा पर सिटी गेट-वे निर्माण, 2.32 करोड़ की लागत से रेलवे स्टेशन पर नया आश्रय स्थल, करीब पांच करोड़ की लागत से गांधी कालोनी लिंक रोड का चौड़ीकरण व डिवाईडर निर्माण, करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से नये पालिका मुख्यालय टाउनहाल की छत पर कम्युनिटी सेंटर एवं सोलर पार्क निर्माण, 1.70 करोड़ रुपये से रुड़की रोड पर पालिका की भूमि पर कम्यूनिटी सेंटर निर्माण, सवा दो करोड़ की लागत से टाउनहाल के पास पालिका का गैराज और वर्कशॉप निर्माण कार्य को पालिका ने विशिष्ट कार्य के रूप में शामिल किया है। इसके अलावा करीब दो करोड़ की लागत से पीस लाइब्रेरी वाली भूमि पर डिजीटल लाइब्रेरी निर्माण, एक करोड़ से कूकड़ा में बाल शव गृह, सवा करोड़ की लागत से पचेंडा रोड से भोपा बस स्टेण्ड तक साइड पटरी और सीसी सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं।






