मुजफ्फरनगर। जनपद के विकास पुरुष कहे जाने वाले पूर्व मंत्री स्व. चितरंजन स्वरूप को उनकी 10वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मंगलवार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके द्वारा नगर विकास के लिए कराए कार्यों के लिए याद किया। पुण्यतिथि पर भावपूर्ण स्मरण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राजनीति में अपने व्यक्तित्व से स्व. चितरंजन स्वरुप ने विशिष्ठ पहचान बनाने के साथ जिले में सौहार्द्र व भाईचारे के लिए चचा चित्तों ने जीवनभर कार्य किया। वहीं पीड़ितों को न्याय दिलाने व समाज के हर वर्ग के लिए उनकी सेवाएं सदैव याद रहेंगी।
स्थानीय सनातन धर्म इंटर कॉलेज सभागार में पूर्व मंत्री स्व. चितरंजन स्वरूप की याद में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान समस्त अध्यापक एवं कर्मचारियों ने कॉलेज के पूर्व प्रबंधक स्व. चितरंजन स्वरूप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर कॉलेज प्रधानाचार्य आदित्य प्रकाश सक्सेना ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भले ही स्व. चितरंजन स्वरूप को इस नश्वर संसार का त्याग किए हुए 11 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन वो आज भी समर्थकों एवं आम लोगों के दिलों में चचा चित्तो बनकर जीवित हैं। इसके अलावा अंग्रेजी प्रवक्ता राहुल कुमार ने उनके जीवन एवं कार्यों का उल्लेख किया। इस दौरान मुख्य रूप से अनिल मित्तल, सोहन पाल, डॉ. राजबल सैनी, राहुल कुशवाहा, संजय सिंह, अरविंद कुमार समेत समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
उधर, मंगलवार को स्वरूप परिवार ने भी दसवीं पुण्यतिथि पर पूर्व मंत्री स्व. चितरंजन स्वरूप को सादगी के साथ याद किया। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप, सौरभ स्वरूप बंटी एवं विकास स्वरूप बब्बल ने परिवार सहित अपने पिताजी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सपनों को साकार करने का प्रण किया।
बता दें, स्वरूप परिवार का राजनीति में दखल प्रदेश की चौथी विधानसभा के गठन के समय से ही है। स्वरूप परिवार के शाह जी विष्णु स्वरूप ने वर्ष 1967 में कांग्रेस के मजबूत दौर में शहर विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीते। उनकी राजनीतिक विरासत को चितरंजन स्वरूप ने बखूबी संभाला। साल 1978 में चितरंजन स्वरूप कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े और मात्र 28 साल की आयु में वो विधायक बने। जिले में उन्होंने सबसे युवा विधायक होने का रिकार्ड बनाया। वो तीन बार शहर सीट से विधायक चुने गये और 19 अगस्त 2015 तक कुल 4290 दिन तक विधायक रहे।






