मुजफ्फरनगर। जनपद के नई मंडी थाना क्षेत्र के गांव सिलाजुड्डी में शनिवार को एसडीएम सदर निकिता शर्मा, कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया व सीओ मंडी रूपाली राय ने पुलिस बल के साथ लाखों रुपए कीमत की नकली उर्वरक फैक्ट्री को पकड़ा है। यहां पर भारी मात्रा में टीम ने एमओपी, डीएपी के साथ पेस्टीसाइड बरामद हुआ है। इसके अलावा फैक्ट्री से छापेमारी में कई ब्रांडिंग कम्पनियों के बैग भी बरामद किए। कृषि विभाग की टीम ने एमओपी, डीएपी और पेस्टीसाइड के नमूने लेने के साथ कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को भी सील कर दिया गया है। वहीं मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
जनपद में नकली उर्वरक और पेस्टीसाइड का बड़े स्तर पर खेल तमाम प्रयासों के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर शनिवार को गांव सिलाजुड्डी में एसडीएम सदर निकिता शर्मा के नेतृत्व में नकली उर्वरक बनाने की फैक्ट्री का पदार्फाश किया गया। उक्त मामले में एसडीएम सदर और सीओ मंडी ने सूचना मिलने पर इस फैक्ट्री पर छापा मारा। छापे के बाद इसकी सूचना जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया को दी गई। फैक्ट्री पर छापेमारी की इस बीच जानकारी मिलने पर जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया, वरिष्ठ लिपिक देवेन्द्र चौधरी और सचिन पुंडीर मौके पर पहुंचे। यहां पर भारी मात्रा में टीम ने एमओपी, डीएपी और पेस्टीसाइड को सील करने के साथ इनके नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेज दिए। वहीं फैक्ट्री में कार्रवाई करते हुए इस फैक्ट्री को सील कर दिया गया। गांव सिलाजुड्डी में पकड़ी फैक्ट्री का मालिक रमेश बताया जा रहा है, जिसके पास फैक्ट्री में न्यूटन उर्वरक बनाए जाने का लाइसेंस है, लेकिन यहां नकली उर्वरक को ब्रांडिंग कम्पनियों के बैग में भरकर सप्लाई किया जा रहा था। बताया जा रहा है इस फैक्ट्री के तार बीते दिनों रुड़की रोड पर पकड़े गए गोदाम से जुड़े हैं। उक्त गोदाम पर कुछ दिन पूर्व रुड़की रोड पर कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया व वरिष्ठ लिपिक राहुल चौधरी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली उर्वरक के साथ पेस्टीसाइड का गोदाम पकड़ने के साथ यहां से ब्रांडिंग कम्पनी के भारी मात्रा में बैग रखे मिले थे, जो हापुड़ से छपाई कर मंगाए गए थे। बताया जाता है कि दोनों एक ही गैंग हैं, जो नकली उर्वरक बनाकर किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं।
इन्होंने कहा-
जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि शनिवार को गांव सिलाजुड्डी में पकड़ी गई नकली उर्वरक की फैक्ट्री को संदिग्ध उर्वरक के नमूने लेने के बाद कार्रवाई करते हुए सील कर दिया गया है। यहां कई ब्रांडेंग कम्पनियों के बैग भी रखे मिले हैं। भारी मात्रा में एमओपी, डीएपी और पेस्टीसाइड मिला है। जिनके नमूने जांच के लिए लैब में भेजे गए है। उक्त फैक्ट्री मालिक का नाम रमेश बताया गया है, जिसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।






