किसानों के शक्ति प्रदर्शन के आगे धराशायी हुए पुलिस के तमाम इंतजाम

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मुजफ्फरनगर। नई मंडी थाने में किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम के बीच बुधवार को कलेक्ट्रेट को घेरा गया। किसानों के साथ कार्यकर्ताओं के सम्मान की खातिर भाकियू तोमर गुट के आह्वान पर बुलाई महापंचायत में भाकियू ने मुख्यालय पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट में डेरा जमा लिया। इस बीच कलेक्ट्रेट में भट्टी चढ़ाने के साथ दूरदराज से आए कार्यकर्ताओं के लिए यहां ताहरी का प्रबंध किया गया।
गौरतलब है कि नई मंडी थाने में धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों पर हुए लाठी चार्ज समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर शक्ति प्रदर्शन करते हुए किसान संगठन ने कलेक्ट्रेट में महापंचायत के बूते जहां एक ओर जिला प्रशासन को अपनी ताकत का अहसास करा दिया, वहीं देर सायं एक सिपाही को सस्पेंड किए जाने के साथ अन्य के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। धरना समाप्त करते हुए भाकियू नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों पर एक सप्ताह में कार्रवाई न की गई तो अब 10 जुलाई को रामपुर तिराहे पर किसान रास्ता जाम करते हुए बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

बुधवार को भाकियू के तय कार्यक्रम के बीच पहले से तय पुलिस कार्यालय को बदलते हुए कलेक्ट्रेट को चुना गया था, जहां किसानों को कलेक्ट्रेट में जाने से रोकने के किए पुलिस प्रशासन के प्रयास उस वक्त धराशायी हो गए, जब वाहनों के साथ में उग्र तेवरों और भारी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने पुलिस की भारी नाकाबंदी को भी बेअसर साबित कर दिया। इस बीच प्रकाश चौक पर ट्रैक्टर-ट्राली के साथ डीएम कार्यालय में जाने को लेकर इस बीच सिविल लाइन थाना प्रभारी से भाकियू नेताओं और किसानों की वहां तीखी झड़प हो गई थी, वहीं पुलिस की ओर से लगाए बैरिकेड्स को हटाकर कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में पहुंचने में सफल रहे।
बीते माह 19 जून को अपनी मांगों के समर्थन में मंडी कोतवाली में शांतिपूर्ण धरना दे रहे भाकियू कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा किए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाई महापंचायत अपने मकसद में उस वक्त सफल साबित हुई, जब यहां किए पुलिस के तमाम इंतजामों को धता बताते हुए कार्यकर्ताओं ने कचहरी में वाहनों के साथ जबरन प्रवेश किया। कलेक्ट्रेट में संपन्न महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि नई मंडी थाने में चल रहे संगठन के शांतिपूर्ण आंदोलन पर जिस तरह से पुलिस ने योजनाबद्ध रूप से लाठीचार्ज किया, वह लोकतंत्र की हत्या है। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को किसान समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह चेतावनी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो संगठन अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान में बड़ा निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा। इस बीच ज्ञापन के माध्यम से दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने और नई मंडी कोतवाली प्रभारी को हटाने की मांग की। जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी ने कहा कि यह सिर्फ एक पंचायत नहीं, बल्कि आर-पार की लड़ाई का बिगुल है। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के निर्णय पर महापंचायत स्थल अचानक बदला गया।
बुधवार में भाकियू की ओर से आयोजित महापंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौराहों शिवचौक, महावीर चौक, झांसी रानी चौक, कचहरी गेट, प्रकाश चौक पर भारी फोर्स की तैनाती किए जाने के साथ सघन बैरिकेडिंग कर रखी थी। ऐसे में कलेक्ट्रेट के सदर बाजार वाले मुख्य गेट पर तो दो तरफा बैरिकेडिंग कर दोपहिया वाहनों का प्रवेश रोका गया था। वहीं प्रकाश चौक की ओर बैरिकेडिंग के साथ सिविल लाइन प्रभारी स्वयं मौके पर मौजूद थे, लेकिन जब किसानों का दस्ता वाहनों के साथ यहां पहुंचा तो पुलिस के तमाम इंतजाम धराशायी होते दिखाई दिए। ऐसे में किसानों को कलेक्ट्रेट या एसएसपी कार्यालय पहुंचने तक रोकने के लिए शहर में नाकाबंदी की गई थी। शिवचौक पर खुद सीओ सिटी राजू कुमार साव भारी पुलिस फोर्स के साथ तैनात रहे। इस दौरान मुख्य रूप से महापंचायत में अंकित गुर्जर, पवन त्यागी, अजय त्यागी, हनी चौधरी, चंदन त्यागी और मोहित लाटियान आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। महापंचायत में उत्तराखंड के अलावा जनपद मुजफ्फरनगर समेत सहारनपुर, मेरठ, शामली, बिजनौर सहित विभिन्न जनपदों सैकड़ों किसानों ने प्रतिभाग किया।

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