शेरनगर की घटना में 48 घंटे के बाद भी प्रशासन के हाथ खाली

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मुजफ्फरनगर। शहर से सटे शेरनगर गांव में रविवार सुबह मूसलाधार बारिश के बीच ही बहकर तालाब में डूबे तीन वर्षीय मासूम अवि का शव घटना के 24 घंटे बाद भी बरामद नहीं हो पाया है। अवि की तलाश में प्रशासनिक टीम और ग्रामीण लगातार जुटे हुए हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। बच्चा घर के पास बने तालाब में बह गया था। इसको लेकर सोमवार सुबह ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग 58 को जाम कर दिया, जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हाईवे पर यातायात जाम होते हुए पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया। सीडीओ, एसडीएम सदर और नई मण्डी पुलिस मौके पर पहुंची, समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया गया। वहीं यूपी सरकार के मंत्री और नगर विधायक कपिल देव भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर भरोसा जगाया कि अवि को तलाश कर लिया जायेगा।


रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बीच ही नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरनगर में करीब साढ़े आठ बजे तीन वर्षीय अवि अपने 5 साल के बड़े भाई किट्टू के साथ घर के आंगन में बारिश में नहा रहा था। खेलते-खेलते वह पास ही के तालाब के गंदे पानी में फिसलकर गिर पड़ा और बह गया। तालाब में भारी मात्रा में घास और कीचड़ जमा है, जिससे तलाशी में बाधा आ रही है। ग्रामीणों और दमकल विभाग की टीम सुबह से लेकर देर शाम तक लगातार बच्चे की तलाश कर रही है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। करीब 24 घंटे के बाद भी अवि का कोई सुराग नहीं लगने पर परिवार के लोगों को साथ लेकर सैंकड़ों ग्रामीण नेशनल हाईवे 58 पर उतर आये और बेरिकेड लगाते हुए यातायात जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
ग्रामीणों का कहना था कि अधिकारियों की ओर से केवल दिखावटी प्रयास किए जा रहे हैं। तलाशी अभियान सुस्त है और बच्चे की तलाश को लेकर प्रशासन की गंभीरता नहीं दिख रही। सूचना मिलते ही एसडीएम सदर निकिता शर्मा और नई मंडी पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि बच्चे की तलाश पूरी तत्परता से की जा रही है। अफसरों के भरोसे ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। यहां करीब एक घंटे तक जाम लगने से दोनों साइड हजारों वाहन की कतार बन गई थी। इसके बाद सीडीओ कमल किशोर कंडारकर भी गांव में पहुंचे और मेरठ से पीएसी पोकलेन के विशेषज्ञ दल को भी बुला लिया गया। पीएसी की टीम ने तालाब में रेस्क्यू शुरू कर दिया।
हाईवे जाम की सूचना के बाद प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी शेरनगर गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और गांव के तालाब पर जाकर चल रहे रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। मौके पर मौजूद सीडीओ, एसडीएम व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चे की तलाश में कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ है और हर संभव मदद की जाएगी। यहां मौजूद भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य तरुण पाल समेत कई ग्रामीणों ने प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास संसाधनों की कमी नहीं है, फिर भी रेस्क्यू में तेजी नहीं आ रही है। यदि समय रहते आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित गोताखोर लगाए जाते, तो बच्चे को ढूंढा जा सकता था। अवि के पिता राहुल कुम्हार मजदूरी करते हैं और मां गृहिणी हैं। अवि परिवार में सबसे छोटा था। उसके गुम हो जाने के बाद से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा गांव ग़मगीन है और लोग घर के बाहर जमा हैं। प्रशासन की टीमें फिलहाल मौके पर बनी हुई हैं और रेस्क्यू का प्रयास जारी है। करीब 32 घंटे बीत जाने के बाद भी लापता अवि का कोई सुराग नहीं लग पाया था। घर से तालाब तक ड्रेनेज को चिन्हित करते हुए भी उसकी तलाश की जा रही है। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में प्रशासन को चेताया है कि यदि तलाशी अभियान में तेजी नहीं लाई गई और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह दोबारा विरोध प्रदर्शन करेंगे। लोगों की मांग है कि रेस्क्यू के लिए बेहतर से बेहतर संसाधनों को बुलाया जाए और बच्चे को जल्द से जल्द ढूंढा जाए।

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