मध्य प्रदेश के हरदा जिले में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट ने कई परिवारों के निवाले छीन लिए। हादसे में घायल सैकड़ों मजदूर अस्पताल में जिंदगी कि जंग लड़ रहे हैं। भोपाल गैस त्रासदी के बाद इसे सूबे में अबतक का सबसे बड़ा हादसा माना जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो मरने वालों की संख्या अबतक 11 बताई जा रही है।
हालांकि रेस्क्यू और शवों को निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच, विस्फोट के वक्त फैक्ट्री में काम कर रही एक महिला ने पूरी घटना के बारे में बताया है। अस्पताल में महिला भर्ती मजदूर ने बताया कि घटना के वक्त फैक्ट्री में कितने लोग थे और कितने बच्चे थे और अचानक से हुए भीषण हादसे के बाद कितने बाहर निकल सके।
हरदा फैमिली नाम के एक इंस्टाग्राम चैनल से बातचीत के दौरान अस्पताल में भर्ती महिला मजदूर रुकसार ने बताया,”अचानक से जोरदार धमाके की आवाज आई, फैक्ट्री में चंद सेकंड के अंदर भीषण आग लग गई। चरों तरफ भगदड़ मच गई। लोग भागने लगे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था देखते ही देखते आग फैक्ट्री में फैल गई और फिर स्टोर कर रखे गए पटाखों भी ब्लास्ट होने लगे।
धमाका बहुत तेज था पूरी जमीन हिल गई।” रुकसार ने कहा कि फैक्ट्री के अंदर 4 हजार से ज्यादा लोग थे, 4 मंजिल से ज्यादा की बिल्डिंग थी और हर फ्लोर पर बड़े-बड़े हाल थे। रुकसार ने कहा,”एक हाल में कम से कम 150 महिलाएं थीं और महिलाओं के साथ बच्चे भी थे, कई बच्चे लापता हैं। लगभग इतने ही पुरुष काम करते थे।”







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