मुजफ्फरनगर। बीते करीब 27 वर्ष पुराने बकाया भुगतान के लिए एक ठेकेदार ने नगरपालिका परिषद् के खिलाफ कोर्ट में चल रही जंग जीत ली है। कोर्ट ने पालिका प्रशासन को ठेकेदार को मूल राशि का बकाया भुगतान 18 प्रतिशत ब्याज समेत करने के आदेश जारी किए हैं।
नगर क्षेत्र के मौ. सुथराशाही निवासी परमेश कुमार शर्मा पुत्र हरिशंकर ने सोमवार को मीडिया से वार्ता करते हुए बताया कि वो वर्ष 1998 तक नगरपालिका परिषद् में पंजीकृत ठेकेदार रहे हैं, उनके द्वारा डॉ. सुभाष शर्मा की चेयरमैनी कार्यकाल के दौरान पालिका में कार्य किए गए। इसके लिए एक मई 1998 को उन्होंने पालिका से बिल प्रस्तुत करते हुए अपना 1,84,547 रुपए बकाया भुगतान मांगा, लेकिन चेयरमैन द्वारा भुगतान करने से इंकार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपना बकाया भुगतान पाने के लिए नगर पालिका, प्रशासनिक अधिकारियों तक शिकायत करते हुए अपील की, लेकिन कोई राहत नहीं मिल सकी। ऐसे में परमेश ने 27 फरवरी 2001 को सिविल जज जूनियर डिविजन न्यायालय में पालिका चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी व प्रभारी अधिकारी निकाय के खिलाफ वाद संख्या 144 दायर कर दिया। परमेश शर्मा ने बताया कि 28 मई 2025 को न्यायधीश भुवन द्वारा फैसला सुनाया, जिसमें कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर उन की शिकायत को सही माना और नगरपालिका परिषद् अध्यक्ष, ईओ व प्रभारी अधिकारी निकाय को आदेशित किया कि वो एक माह में वर्ष 1998 से बकाया उनका भुगतान 1,84,547 रुपये अदा करने का काम करें। परमेश शर्मा के अनुसार कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि उनके मूल भुगतान राशि 1,84,547 रुपये पर पालिका द्वारा उन्हें 01 मई 1998 से वाद दायर करने की तिथि 27 फरवरी 2001 तक 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मूल भुगतान राशि पर वाद दायर करने की तिथि से भुगतान करने की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक दर से क्षतिपूर्ति की राशि का भुगतान किया जाये। परमेश शर्मा ने कहा कि 1998 के बाद से उन्होंने पालिका से भुगतान पाने के लिए प्रयास जारी रखते हुए तत्कालीन चेयरमैनों से आग्रह भी किया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। आज वो कोर्ट के आभारी हैं कि न्यायधीश द्वारा साक्ष्यों के आधार पर उनकी बात को माना और नगरपालिका को भुगतान के आदेश जारी किये हैं।






