मुजफ्फरनगर। नगर के सरकुलर रोड पर स्थित निर्वाल हॉस्पिटल पर स्थानीय लोगों की ओर से शिकायत के आधार पर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई करते हुए नवनिर्मित भवन के कुछ भाग को ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि एमडीए द्वारा संकेत रूप में ही कार्यवाही की गई, लेकिन इस दिशा में हॉस्पिटल प्रबंधन को उक्त नव निर्माण को समय रहते न हटाने की स्थिति में कार्रवाई के संकेत दिए गए। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद एमडीए ने जांच कर हॉस्पिटल के नवनिर्मित हिस्से को अवैध करार दिया और इसे ध्वस्त करने का आदेश दिया था।
नगर के सरकुलर रोड पर बीते कुछ वर्षों से अस्तित्व में आए निर्वाल हॉस्पिटल को लेकर कई माह से स्थानीय लोगों द्वारा डीएम समेत अन्य अधिकारियों से क्षेत्र की उक्त समस्या से मुक्ति दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रबंधन पर आरोप है कि आवासीय क्षेत्र में हॉस्पिटल नियमों को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा था, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा हो रही थी। शनिवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए मौहल्ला निवासी प्रभात पंवार ने मीडिया को बताया कि हम इस कॉलोनी में वर्ष 1976 से यहां पर रह रहे हैं, लेकिन जब से यह हॉस्पिटल बना है, तब से इस क्षेत्र की न केवल शांति भंग हो गई है, अपितु इस ओर से अब महिलाओं व लड़कियों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल से निकलने वाले तमाम मेडिकल वेस्ट को जहां सड़क पर फेंक दिया जाता है वहीं यहां पर भर्ती मरीजों के परिजन सड़क व घरों के बाहर गंदगी फैलाते रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को न सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी खतरा बना रहता है वहीं इस दौरान तमाम सामाजिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। प्रभात पंवार ने बताया कि कि हॉस्पिटल से आहत स्थानीय लोगों ने डीएम, एमडीए और कमिश्नर सहारनपुर मंडल तक शिकायत दर्ज कराई, तब कहीं जाकर हरकत में आई एमडीए ने पूरी जांच कर 25 दिन पहले हॉस्पिटल को स्वयं विध्वंस करने का समय दिया था। उनका कहना है कि समय सीमा समाप्त होने पर एमडीए की टीम शनिवार को मौके पर पहुंची और हॉस्पिटल के कुछ अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाल हॉस्पिटल पर होने वाली इस कार्रवाई पर कहीं से भी कोई स्टे नहीं मिला है, लेकिन एमडीए ने मात्र प्रतीकात्मक ध्वस्तीकरण किया है जिसके लिए जेई मात्र दो-तीन मजदूर लेकर आए थे। उन्होंने एमडीए की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए मामले में जल्द अधिकारियों को शिकायत करने की चेतावनी दी।






