मुजफ्फरनगर। देश के किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पूण्यतिथि है।भारत में किसान आन्दोलन को चौधरी टिकैत ने एक नई दिशा दी थी।मुझे चौधरी टिकैत के साथ अपनी पुस्तक “किसान आन्दोलन में चौधरी टिकैत की भूमिका” लिखने के समय उनके साथ काम करने का अवसर मिला।
चौधरी टिकैत बेहद सरल और ईमानदार किसान नेता थे।चौधरी टिकैत के नेतृत्व में 90 के दशक में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, बिजली के दाम में बढ़ोतरी और किसानों को उनकी फसलों का मूल्य न मिलने के खिलाफ एक गैर-राजनैतिक किसान आंदोलन खड़ा हुआ था। अगर चौधरी टिकैत के संघर्ष को गौर से देखें,तो पाएंगे कि उनके आंदोलन का मुख्य मुद्दा फसलों के वाजिब दाम व सरकार द्वारा किसान की उपेक्षा का मुद्दा रहा। चौधरी टिकैत ने अपने जीवन काल में दलगत राजनीति से दूरी बनाये रखी थी।चौधरी टिकैत अपने अंतिम समय (15 मई 2011) तक जनता के बीच रहे।और अंतिम समय तक खेती से भी जुड़े रहे। हमने चौधरी टिकैत के जीवन व उनके संघर्ष पर एक पुस्तक और लिखी है। पूर्व केंद्रीय मन्त्री डॉ संजीव बालियान के द्वारा हमें देश गृह मन्त्री से इस पुस्तक के विमोचन का समय मिल गया था, लेकिन कुछ कारणों की वजह से उसका विमोचन कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था। हम उम्मीद करते है कि उपयुक्त समय आने पर इस पुस्तक का विमोचन होगा और हम सब को इस पुस्तक को पढ़ने का अवसर मिलेगा। हम उनकी पूण्यतिथि के अवसर पर कहना चाहते है कि भारतीय किसान यूनियन को राजनीति से अलग रहकर किसानो के लिए ईमानदारी से व समझ के साथ लड़ाई लड़नी चाहिए।तथा कृषि में बदलाव के लिए रिफॉर्म का विरोध करना किसान हित का कार्य नहीं है।

मुजफ्फरनगर में पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों पर छापेमारी, 12 नमूने लिए, मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को भारत सरकार और राज्य कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में स्थापित पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच उत्पादन इकाइयों की जांच करते हुए कीटनाशकों के कुल 12 नमूने लिए, जिन्हें जांच के






