मुजफ्फरनगर। पचेंडा रोड स्थित दिव्य योग ध्यान आश्रम में चल रहे अखंड रामायण पाठ का रविवार को कीर्तन और भंडारे के साथ समापन हो गया। इसके साथ ही सन्यास की दीक्षा का एक साल पूरा होने पर स्वामी श्रीभगवान आश्रम जी महाराज का प्रकाश उत्सव मनाया गया। समापन अवसर पर पधारे दंडी स्वामी महादेवाश्रम महाराज व जूना अखाड़ा के स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने भक्तों को अपना आशीर्र्वाद देते हुए कहा कि स्वामी श्रीभगवान आश्रम ने एक साल में सन्यासी के रूप में जन कल्याण के कई काम किए है।

पचेंडा रोड स्थित दिव्य योग ध्यान आश्रम में स्वामी श्रीभगवान आश्रम जी महाराज के सान्निध्य में शनिवार की अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया गया था। अखंड पाठ पूर्ण होने पर रविवार सुबह महाआरती की गई। भजन गायक धर्मबीर सुमदर ने इस बीच अपनी टीम के साथ भजन और देशभक्ति गीतों का गुणगान किया। अखंड पाठ के समापन अवसर पर श्री भगवान आश्रम जी महाराज का एक वर्ष पहले जन्म दिन था। तमाम वैभव के होते हुए शर्मा ने सन्यास को ग्रहण किया था। सन्यास एक तरह का कर्मयोग है। सन्यास लेकर भीख मांगना उचित नहीं है। समाज के बीच रहकर जन कल्याण का काम करने वाला सच्चा सन्यासी है। जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि गृहस्थ जीवन के कर्तव्यों को पूरा कर सन्यास लेना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संतों को समाज के बीच रहकर लोक कल्याण के काम करने चाहिए। स्वामी श्री भगवान आश्रम महाराज ने कहा कि सन्यास की दीक्षा लिए उन्हें एक साल का समय हो गया है। उन्होंने प्रयास किया कि सन्यासी के रूप में समाज के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाह करता रहूं। सुखद बात यह है कि अखंड पाठ के समापन पर दो बड़े संतों के दर्शन लाभ हुए हैं। उन्होंने कहा कि अखंड पाठ के समापन के साथ बार्डर पर शांति का माहौल बना है। युद्ध से बर्बादी के अलावा कुछ नहीं मिलता। इस दौरान आपारी नेता संजय मिश्रा, कृष्ण गोपाल मित्तल, राकेश त्यागी, शलभ गुप्ता, मास्टर विजय सिंह, केके शर्मा, ऋषभ शर्मा, राजकुमार, रजत तायल, पंकज शर्मा, नीरज त्यागी, साक्षी, गोपाल शर्मा, रमेश ठाकुर, नितिन कुमार, आशीष शर्मा, अंकित शर्मा, अंशुल शर्मा, उमादत्त शर्मा, ब्रह्म प्रकाश शर्मा, सुभाषचंद शर्मा आदि मौजूद रहे।







