मुजफ्फरनगर। महाभारत कालीन इतिहास को अपने में समेटने के साथ ही श्रीमद् भागवत कथा की धार्मिक गंगोत्री के उद्गम स्थल शुकतीर्थ मेंं जल्द विकास को पंख लगने के साथ अब उसे नगर का दर्जा दिलाने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए शुकतीर्थ को नगर पंचायत बनवाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जिलाधिकारी जल्द ही शासन को भेजेंगे और शासन की स्वीकृति के बाद शुकतीर्थ को एक शहर के रूप में विकसित करते हुए वहां जनसुविधाओं को बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाने का काम शुरू किया जायेगा।
महाभारत कालीन पौराणिक तीर्थ शुकतीर्थ किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वीतराग संत स्व. स्वामी कल्याण देव महाराज के प्रयासों से इस तीर्थ नगरी के विकास का सफर शुरू करने के साथ यह स्थल सदैव वीवीआईपी मूवमेंट के कारण देश-दुनिया में सुर्खियों में रहा है। भागवत कथा की जन्मस्थली के रूप में भी इस प्राचीन तीर्थ को पहचाना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस तीर्थ के समुचित विकास के लिए शुकतीर्थ विकास परिषद् का गठन किया गया। वीआईपी मूवमेंट के बीच जिला प्रशासन को सुरक्षा और व्यवस्था बनाने के लिए संसाधन जुटाने के लिए मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है। भविष्य में शुकतीर्थ को आत्म निर्भर बनाने के साथ भौगोलिक तथा आर्थिक विकास के लिए इसे नगर पंचायत का दर्जा देने की तैयारी की गई है। इसके लिए एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह ने शुकतीर्थ को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को सौंप दिया है। एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि शुकतीर्थ में हमेशा वीआईपी व वीवीआईपी मूवमेंट के कारण वहां व्यवस्था के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है और मुख्यालय पर ज्यादा जिम्मेदारी रहने के कारण संसाधन जुटाने के लिए काफी समय और श्रम लगता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए शुकतीर्थ को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने का प्रयास शुरू किया गया है। इसके लिए उन्होंने प्रस्ताव तैयार करते हुए जिलाधिकारी को प्रेषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत गठन के लिए 20 हजार परिवारों की आबादी होना जरुरी है। इसके लिए शुकतीर्थ बांगर, शुकतीर्थ खादर और फिरोजपुर सहित पांच गांवों को मिलाकर नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है, जल्द डीएम स्तर से इस प्रस्ताव को शासन को भेजेंगे और शासन की स्वीकृति मिली तो शुकतीर्थ जिले की 11वीं नगरीय निकाय के रूप में वजूद में आयेगा।







