चाट बाजार बंदी से सौ परिवारों की रोजी रोटी पर संकट, नगरपालिका प्रशासन ने नोटिस चस्पा करने के बाद कराई मुनादी

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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के एक फैसले से करीब सौ परिवारों की दिन-रात की नींद उड़ी हुई है। शहरी सौन्दर्यकरण के नाम पर पालिका प्रशासन ने शहर के टाउनहाल पर चटोरों के आकर्षण का केन्द्र बने रहने वाले चाट बाजार को बंद कराने का निर्णय लिया है। इससे यहां से रोजगार पाने वाले करीब सौ परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। ये लोग लगातार इस फैसले का विरोध करते हुए अपनी रोटी का सहारा बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन पालिका प्रशासन ने चाट बाजार बंदी का नोटिस चस्पा करने के साथ ही शनिवार को बालाजी जयंती के अवसर पर मुनादी कराकर चेतावनी जारी कर दी है।
शहर के टाउनहाल के बाहर लगने वाला चाट बाजार नगरपालिका परिषद् के ठेकों में सबसे बड़ा ठेका है। पालिका के कर विभाग में टाउनहाल पार्किंग और टाउनहाल चाट बाजार के ठेकों से ही प्रतिवर्ष पालिका को सर्वाधिक आय होती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में चाट बाजार का ठेका पालिका के कर विभाग द्वारा 27.55 लाख रुपये में छोड़ा गया था। टाउनहाल मैदान पार्किंग से 24 लाख रुपये की सालाना आय होती है। पालिका प्रशासन ने शहरी सौन्दर्यकरण की नीति के तहत टाउनहाल के बाहर चाट बाजार को बंद करते हुए यहां से ठेले और ठिये हटवाने का निर्णय लिया है। यहां पर करीब 50 से ज्यादा लोग ठिये लगाते हैं। इनमें फल, फास्ट फूड, आइस्क्रीम, कपड़े, बर्तन आदि के ठिये शामिल हैं। यह चाट बाजार मुजफ्फरनगर के खान-पान के शौकीनों के लिए एक बड़े आकर्षण का केन्द्र भी बना रहता है, यहां पर लोग रात्रि में घूमने आते हैं और परिवार सहित यहां की चाट और फास्ट फूड के जायकों का आनंद उठाते हैं। इस कारण यहां पर रात्रि में यातायात की स्थिति भी दयनीय रहती है।
पिछले दिनों पालिका प्रशासन के द्वारा यह चाट बाजार वित्तीय वर्ष 2025-26 से बंद करने का निर्णय लिया था, इसी नीति के तहत कर विभाग के द्वारा इस साल चाट बाजार के लिए नया ठेका नहीं छोड़ा है। 31 मार्च को ठेका समाप्त होने के साथ ही कर विभाग के द्वारा यहां पर ठेले-ठिये लगाने वाले लोगों को सूचना दे दी थी कि यह चाट बाजार अब पालिका बंद कर रही है, इसलिए वो अपने ठिये हटा लें। इससे इस चाट बाजार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजी रोटी कमाने वाले करीब सौ परिवारों में नींद उड़ी हुई है। इन लोगों ने पिछले दिनों डीएम से मिलकर अपनी रोजी रोटी बचाने के लिए चाट बाजार बंदी का फैसला वापस कराने की मांग की थी, लेकिन पालिका अपने निर्णय पर कायम है। चाट बाजार के पीड़ित रवि कुमार, चन्द्र किरण प्रजापति और राजेश कुमार आदि का कहना है कि इस बाजार से करीब सौ परिवारों की रोजी रोटी चल रही है, ऐसे में यदि पालिका इसका अचानक ही बंद करा देगी तो ये परिवार सीधे सड़क पर आ जायेंगे। महंगाई के इस दौर में पालिका को यह निर्णय नहीं करना चाहिए, पालिका पहले उनकी रोजी रोटी के लिए स्थान का प्रबंध करके बाजार लगवाये और तभी यहां से ठिये खत्म किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि वो इस मामले में अपनी फरियाद लेकर चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप से भी मिलेंगे।
कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव ने बताया कि पूर्व में ही चाट बाजार वालों को सूचना दे दी गई थी कि पालिका अध्यक्ष के आदेश पर इसको बंद किया जा रहा है, ऐसे में उनको यहां से ठिये हटाने पड़ेंगे। इसके बाद शनिवार को चाट बाजार बंदी के नोटिस विभागीय स्तर पर चस्पा करा दिये गये हैं। साथ ही ई रिक्शा के माध्यम से शहर में मुनादी भी कराई जा रही है कि यह चाट बाजार अब बंद करा दिया गया है, इसके चलते यहां पर कोई भी ठिया या ठेला आदि नहीं लगाने दिया जायेगा। ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शहर को टाउनहाल क्षेत्र नॉन वेंडिंग जोन में आता है, ऐसे में यहां पर किसी भी प्रकार से ठिया या ठेला नहीं लगने दिया जा सकता है। इन स्ट्रीट फूड वेंडरों को कम्पनी बाग के पास बनाये जा रहे वेंडिंग जोन में ठिये देने का अवसर दिया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष के लिए चाट बाजार का ठेका पालिका ने नहीं छोड़ा है। यह बाजार समाप्त करते हुए यहां पर सौन्दर्यकरण कार्य कराये जाने का विचार किया जा रहा है। सबसे पहले ठिये हटवाये जायेंगे, लोग नहीं माने तो फोर्स के साथ इनको हटवाने का काम किया जायेगा। इसके पश्चात यहां पर एक कार्ययोजना बनाकर विकास कार्य कराये जायेंगे, ताकि टाउनहाल को अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सके।

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