मुजफ्फरनगर। सदर तहसील के हरिनगर झबरपुर ग्राम में तहसील आपके द्वार कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता के संबंध में विभागों द्वारा लगाए स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय किसानों से वार्ता करते हुए समस्याओं के संबंध में पूछा। कार्यक्रम में एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह, एसडीएम निकिता शर्मा एवं तहसीलदार राधेश्याम समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे भी ऐसे कार्यक्रम होते रहें, ताकि लोगों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी हो।

सदर तहसील में आयोजित हुए तहसील आपके द्वार कार्यक्रम में स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों ने बढ़ चढ़कर उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। एडीएम प्रशासन व उपजिलाधिकारी सदर ने किसानों की विभिन्न समस्याओं का मौके पर निस्तारण कराने के साथ जमीनी स्तर से संचालित योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को अवगत कराया। तहसील आपके द्वार कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत स्वीकृति पत्र, राजस्व विभाग की ओर से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला के लाभार्थियों को पेंशन स्वीकृति पत्र, कृषि विभाग से ट्रैक्टर की चाबी, थ्रेसर, रोटावेटर, सोलर पंप सहित अन्य कृषि यंत्रों, पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र आदि का वितरण किया। तहसील आपके द्वार कार्यक्रम में अधिकारियों ने ग्रामीणों को राजस्व, विकास, कृषि, समाज कल्याण, आपूर्ति, पुलिस, विद्युत, चिकित्सा, पशु पालन, महिला कल्याण विभाग, स्वयं सहायता समूह महिलाओं, बेसिक शिक्षा एवं श्रम विभाग आदि विभाग से सम्बन्धित कैम्पों में जानकारी साझा की।
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर लोगों से गौरैया बचाने की अपील करते हुए कहा कि घर के आंगन में घूमने वाली इन गौरैयाओं को पीने का पानी तथा घोंसला अपने घर में उसके लिए अवश्य रखें। उन्होंने अधिकारियों को पात्रों को सरकारी योजनाओं के लाभ दिए जाने के लिए प्रयास करने के साथ लोगों को ऐसे में अनावश्यक तहसीलों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए सार्थक पहल किए जाने की जरुरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तहसील आपके द्वार की सार्थकता तब तक सफल नहीं हो सकती, जब तक जिले का प्रत्योक जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी अपने कर्तव्यों व कार्यों के प्रति संवेदनशील नहीं हो जाते। कार्यक्रम संचालन बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने किया।






